रोहतक । रोहतक में सेना भर्ती बार-बार स्थगित हो रही है, जिसके कारण जो युवा सेना में जाने का सपना देख रहे हैं उनका बहुत नुकसान हो रहा है. अगर अकेले ARO रोहतक की बात करें तो करीबन 400 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा लेकिन यही सच्चाई है. पिछले डेढ़ साल से ARO रोहतक की तरफ से अलग-अलग कारण बताते हुए पांच बार सेना भर्ती रैली को स्थगित किया जा चुका है.
ARO रोहतक की आखिरी भर्ती फरवरी 2020 में हुई थी, यह भर्ती 2019 में होनी थी. लेकिन हरियाणा में चुनाव की वजह से इस भर्ती रैली को स्थगित कर दिया गया, जो बाद में फ़रवरी 2020 में हुई. ARO रोहतक के अंतर्गत पानीपत, सोनीपत, झज्जर और रोहतक जिले के युवा भाग लेते हैं. लगभग 20 हज़ार युवाओं ने इस भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रखा है. और पिछले 2 साल से वो कड़ी मेहनत कर रहे हैं.
5 बार हो चुकी है स्थगित
फरवरी 2020 के बाद से लगातार पांच बार यह भर्ती स्थगित हो चुकी है. हर बार कोरोना को कारण बताते हुए भर्ती को स्थगित कर दिया गया. भर्ती बार-बार स्थगित होने से युवा बहुत उदास है, तथा बार-बार इंसाफ की मांग कर रहे हैं. लेकिन कोई भी उनकी नहीं सुनता. सेना कार्यालय जाते हैं तो उन्हें डीसी ऑफिस जाने को कहा जाता है और जब डी सी ऑफिस जाते है तो उन्हें बताया जाता कि सेना भर्ती से उनका कोई भी संबंध नहीं है. उनका कहना है कि वे सिर्फ लॉजिस्टिक की पूर्ति करते हैं भर्ती को कैंसिल करना, स्थगित करना, भर्ती करना ये सब तो कार्यालय के ही काम है.
तैयारी करने जाते हैं शहर
बार-बार सेना भर्ती स्थगित होने से युवाओं के सपने तो टूट ही रहे हैं उनके साथ साथ परिवार वालों के सपने भी टूट रहे हैं. क्योंकि युवाओं के परिवार वाले पैसे जोड़कर उन्हें शहर तैयारी करने के लिए भेजते हैं लेकिन बार-बार भर्ती के कैंसिल हो जाने से परिवार वाले भी हताश होते जा रहे हैं. इसका असर ज्यादातर गरीब वर्ग के लोगों पर पड़ता है, क्योंकि वह अपनी मेहनत की कमाई से थोड़े पैसे जोड़कर अपने बच्चों को तैयारी के लिए शहर भेजते हैं ताकि उनके बच्चे सेना में भर्ती होकर परिवार का सहारा बन सके.
लगभग 20 हजार अभ्यर्थी है रजिस्टर्ड
ARO रोहतक के लिए लगभग 20000 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन किया हुआ है. भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को लगभग 10 से ₹15000 अपनी डाइट और कोचिंग पर खर्च करने पड़ते हैं. आप खुद ही समझ सकते हैं कि पिछले 2 साल से लगातार हर महीने 10 से ₹15000 का खर्चा हुआ हो तो कुल 2 साल में कितना खर्चा हुआ होगा. इस खर्चे से परिवार वालों की आर्थिक स्थिति भी डामाडोल हो गई है.
सबसे ज्यादा प्रभावित है यह चार जिले
दिए गए आंकड़े सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर के है. सेना भर्ती मुख्यालय का कहना है कि कोरोना के कारण भर्ती को स्थगित किया जाता है. महत्वपूर्ण बात यह है कि कोरोना काल में देश में चुनाव हो सकते है, रैली हो सकती है. अन्य विभागों में भी भर्तियां जारी है. इसी लिए इनकी तरफ भी ध्यान दिया जाए ताकि वे कर्ज के निचे ना दबे.
