अनोखी तकनीक के साथ हरियाणा के किसान करेंगे खेती, सरकार दे रही है सब्सिडी

चंडीगढ़ । हरियाणा में अब किसान अनोखी तकनीक के साथ खेती करने जा रहे हैं. हरियाणा के कृषक विमानों के माध्यम से खेती कर सकेंगे. वही कृषक विमानों को लेकर इस बार सरकार ने विशेष प्रावधानों का उल्लेख किया है. जिसके तहत ड्रोन तकनीक एक बड़े मिशन के तौर पर उभर कर सामने आ रहे हैं. हालांकि इससे पहले भी यह तकनीक प्रदेश में मौजूद थी लेकिन एकदम से किसानों के बीच इसकी मांग बढ़ गई है. क्योंकि सरकार गांव-गांव तक ड्रोन तकनीक पहुंचाने की तैयारी में है और इसके लिए 40 से 50 फीसदी तक की सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है. सिरसा रोड स्थित उत्तरी क्षेत्र कार्य कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में ड्रोन को लेकर किसान काफी अधिक उत्साहित दिखाई दे रहे हैं.

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कृषि विमान पर सब्सिडी

भारतीय कृषि विभाग सहकारी लिमिटेड कृषि विमान यानी ड्रोन तकनीक के साथ बाजार में कदम रख चुका है. ड्रोन तकनीक के जरिए नैनो यूरिया सहित अन्य तरल उर्वरकों के छिड़काव किए जा सकते हैं. वही इसकी कीमत 4 से साढ़े 5 लाख तक की है. इस ड्रोन तकनीक की क्षमता की बात करें तो यह 5 से 7 मिनट के भीतर प्रति एकड़ छिड़काव कर सकता है. भारतीय कृषि विभाग सहकारी लिमिटेड (इफको) योजना यह है कि जिस प्रकार कृषि के लिए गांव में ट्रैक्टर उपलब्ध होते हैं उसी आधार पर हर गांव में 10 ड्रोन तैनात किए जाएंगे.

यह कृषि विमान लिथियम पॉलीमर बैटरी पर संचालित होंगे जो 20 से 22 मिनट तक लगातार उड़ान भर सकते हैं. इसका वजन करीब 25 किलोग्राम का होता है जिसमें 11 लीटर की टंकी होती है जो 1 एकड़ की जमीन को अच्छी तरीके से कवर कर सकती है. वही आने वाले समय में सरकार की ओर से इस तकनीक के लिए 40% की सब्सिडी दी जाए.

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कृषक ड्रोन पर मिलेगी भारी छूट

कृषक ड्रोन कृषि के लिए काफी उपयोगी है इसकी रेंज कम से कम 2 किलोमीटर तक की है वही टेक का वजन 3 किलो मीटर और यह उड़ान में 45 मिनट का समय लेता है इसी के साथ इसमें मल्टीस्पेक्ट्रल सेंसर भी लगाए हुए हैं. वही यह कृषक ड्रोन आरजीबीरिजॉल्यूशन से भी युक्त है. इसके अलावा यह ड्रोन इंफ्रारेड सेंसर के माध्यम से खेत का सर्वे करके बता सकता है कि इस में कार्बन की मात्रा कितनी अधिक है. और मिट्टी की उर्वरता के लिए कितनी कार्बन की जरूरत है. इस तकनीक के माध्यम से वनस्पति के स्वास्थ्य मानचित्र, खरपतवार का पता लगाना, रोग का पता लगाना, सिंचाई एवं जल का प्रबंधन, पोषक तत्वों में कमी की निगरानी रखना, जल निकासी आदि के लिए काफी मददगार है.

कृषक ड्रोन की कीमत ₹900000 है।

वही इस ड्रोन को लेकर सरकार 40% की छूट दे रही है वही किसानों के समूह को 75% की छूट विश्वविद्यालय की ओर से दी जा रही है.

पेट्रोल इंजन हाइब्रिड स्प्रे ड्रोन

फसल की सुरक्षा के लिए यह ड्रोन काफी मददगार है इस विमान को पेट्रोल की सहायता से उड़ाया जा सकता है यह विमान 6 मिनट में 1 एकड़ जमीन को कवर कर लेता है इसका सबसे महत्वपूर्ण उपयोग स्प्रे करने के लिए किया जाता है इस पर आगे चलकर सरकार 50% की सब्सिडी कर सकती है इसमें 10,12, 16 लीटर की क्षमता टंकी से स्प्रे किया जा सकेगा.

Haryana E Khabar में पिछले 1 साल से कार्यरत हूँ. यहाँ पर मैं एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, फाइनेंस और हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स को कवर करती हूँ. इससे पहले मैं इंडिया न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थी.