भैंस की मौत पर मालिक ने किया अनोखा कार्यक्रम, लोग हो गए दंग

कैथल ।  एक व्यक्ति की मौत के बाद तेरहवीं पर लोगों को भोजन कराने की परंपरा से तो सब वाकिफ हैं. लेकिन हरियाणा के कैथल से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जहां एक किसान ने अपनी भैंस की मौत के बाद भंडारे का आयोजन किया. यह घटना जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव गढ़ी का है जहां इस अनोखी कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम का आयोजन इस गांव में रहने वाले किसान रामकरण की ओर से उनकी भैंस मूर्ति देवी की मौत के बाद उसकी याद में लोगों को भोजन करा रहा है. वही भंडारे में केवल गांव के ही नहीं बल्कि आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे थे. कार्यक्रम में पहुंचे किसान बसाऊ राम ने बताया है कि भैंस किसान के लिए परिवार का सदस्य होती है. क्योंकि भैंस के दूध के माध्यम से घर के काफी काम होते हैं. इसीलिए भैंस से उसके मालिक को काफी लगाव होता है. और ऐसा ही लगाव गांव गढ़ी के रहने वाले किसान रामकरण का उनकी मूर्ति देवी के साथ रहा था.

Cow and Buffalo

पशुधन के महत्व को समझना जरूरी

बसाऊ राम ने कहा कि उनका सभी किसानों से आग्रह किया है कि किसानों को पशुधन के महत्व को समझना चाहिए. क्योंकि पशुओं से किसानों को लाभ होता है. वही किसान रामकरण ने बताया कि उनकी भैंस मूर्ति देवी को वह 2005 में पड़ोस के गांव छैता से लेकर आए थे. यह भैंस मुरर्रा नस्ल की थी. और जब रामकरण इस देश को खरीद के लाए थे तब वह करीब 3 साल की थी. इसके बाद 21 वर्ष की उम्र में भैंस की मौत हो गई.

पशु मेले में जीते कई खिताब

भैंस मूर्तिदेवी ने 14 बछड़ों और बछिया को जन्म दिया है. वही इस भैंस को पशु मेले में 2 अवार्ड भी मिल चुके हैं. किसान रामकरण ने बताया है कि अपना बच्चा भी 18 साल की उम्र के बाद जवान हो जाता है इस देश द्वारा दिए जाने वाले दूध से उनके बच्चे बड़े हुए हैं भैंस मूर्ति देवी का उनके बच्चों के पालन पोषण में काफी सहयोग रहा है.

Avatar of Ruchi Jha
Ruchi Jha
View all posts

Haryana E Khabar में पिछले 1 साल से कार्यरत हूँ. यहाँ पर मैं एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, फाइनेंस और हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स को कवर करती हूँ. इससे पहले मैं इंडिया न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थी.