अब गुरुग्राम से जयपुर का सफर चार की बजाय 2 घंटे में होगा पूरा, 160 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन

गुरुग्राम | ट्रेन के जरिए दिल्ली से जयपुर का सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. आने वाले समय में उनका यह सफर 4 घंटे की बजाय केवल 2 घंटे में तय होगा. बता दें कि दिल्ली- जयपुर रेलवे ट्रैक पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और इंटरलॉकिंग का काम पूरा हो गया है. हाल ही में इस ट्रैक पर गुरुग्राम से अलवर के बीच हाईस्पीड ट्रायल ट्रेन भी दौड़ाई गई थी. अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो इस साल के आखिर तक इस रेलवे ट्रैक पर 160 कि.मी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन रफ्तार भरने लगेगी.

Indian Railway Train

इन बाधाओं को दूर करने का काम जारी

  • रेलवे फाटकों पर अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं.
  • आवारा पशु रेलवे ट्रैक पर न पहुंचे, इसके लिए दीवार और तारबंदी की जा रही है.
  • डीजल इंजनों को इलेक्ट्रिक इंजनों में बदला जा रहा है.
  • रेलवे ट्रैक पार करने के लिए स्टेशनों पर एफओबी का निर्माण.
  • दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया गया है.
  • वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शिफ्ट होगी मालगाड़ियां.

ये हैं ऑटोमैटिक सिग्नलिंग

इस रेलवे ट्रैक पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है. इसका फायदा यह होगा कि 2 स्टेशनों के बीच एक साथ चार से पांच ट्रेनें चलाई जा सकेगी. इस सिस्टम में लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर के बाद लगातार सिग्नल दिए जाते हैं. ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम में जब तक एक ट्रेन अगले स्टेशन को पार न कर लें ,तब तक पीछे वाले स्टेशन से ट्रेन का संचालन नहीं किया जाएगा.

ट्रेनों में लगेंगे एलएचबी कोच

इस रेलवे ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेनों में आईसीएफ की बजाय एलएचबी कोच लगाए जाएंगे. बता दें कि आईसीएफ कोच लोहे के बने भारी वजनी होते हैं. इनमें एयर ब्रेक होते हैं और अधिकतर स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा होती है. जबकि एलएचबी कोच स्टेनलेस स्टील के बनें और जर्मन तकनीक पर आधारित होते हैं. इनमें डिस्क ब्रेक होते हैं और अधिकतम स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा होती हैं. खास बात यह है कि दुर्घटना के बाद ये डिब्बे एक के उपर एक नहीं चढ़ते हैं.

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कैप्टन शशि किरण, सीपीआरओ, उत्तर पश्चिम रेलवे ने बताया कि दिल्ली से राजस्थान के रूटों पर यात्री गाड़ियों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है और उम्मीद है कि इस साल के आखिर तक 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ़्तार से ट्रेन दौड़ने लगेगी. सभी मंडलों में गति शक्ति यूनिट भी गठित कर दी गई है.

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम से जयपुर की दूरी 276 किलोमीटर है और ऐसे में 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन रफ्तार भरेगी तो महज 2 घंटे में यह सफर तय किया जा सकेगा. इस दिशा में हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहें हैं और लोगों को सफर में कम समय लगें, इसके लिए निरंतर सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.