अवैध खनन पर कड़े प्रहार की तैयारी में हरियाणा सरकार, तैयार किया ये मास्टर प्लान

चंडीगढ़ | डीएसपी सुरेन्द्र सिंह बिश्नोई की मौत के बाद हरियाणा में अवैध खनन रोकने को लेकर मनोहर लाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. हरियाणा सरकार के निर्देश पर अवैध खनन रोकने और अवैध खनन संबंधी मामलों में सख्ती से निपटने के लिए खनन एवं भूविज्ञान विभाग ने मानक संचालन प्रकिया (एसओपी) तैयार की है. सरकार का कहना है कि अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.

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एसओपी को चार श्रेणियों में बांटा गया है

मुख्य सचिव संजीव कौशल ने सभी जिला उपायुक्तो और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि एसओपी को राज्य नियम,2012 के प्रविधानों के अनुरूप निम्न चार श्रेणियों में बांटा गया है…

1. अवैध खनन गतिविधियों के लिए अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और संरक्षण
2. वैध परमिट के बिना खनन सामग्री ले जाने वाले वाहन
3. स्वीकृत खनन योजना या पर्यावरण मंजूरी (ईसी) की शर्तों का उल्लंघन करने वाले शख्स
4. खनन करने वाले खनिज रियायत धारक

अवैध खनन क्षेत्र का दौरा करेंगे उपायुक्त

मुख्य सचिव संजीव कौशल ने सभी जिला उपायुक्तो को निर्देश जारी करते हुए कहा कि अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध खनन एवं पर्यावरण से संबंधित जारी हिदायतों की पालना सुनिश्चित करें. अवैध खनन क्षेत्र की समीक्षा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से स्थल का दौरा करें और अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए.

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अवैध खनन की शिकायत मिलने पर उपायुक्त तुरंत एक तीन सदस्यीय टीम गठित करें जिसमें माइनिंग, पुलिस विभाग से एक- एक अधिकारी शामिल हों और ये कमेटी तुरंत प्रभाव से अवैध खनन क्षेत्र का निरीक्षण करेगी. यदि अवैध खनन क्षेत्र वन विभाग के अंतर्गत आता है तो इस कमेटी में वन विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल किए जाने चाहिए. इस कमेटी की पूरी कार्रवाई की ड्रोन से वीडियोग्राफी होनी चाहिए.

पुलिस पेट्रोलिंग गश्त बढ़ाई जाएं

संजीव कौशल ने सभी जिला उपायुक्तो को कहा कि अवैध खनन पर पूर्णयता रोक लगाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाने चाहिए और जो भी व्यक्ति इस अपराध में शामिल मिलें, उसके खिलाफ निर्धारित मापदंडों के अनुसार सख्त एक्शन उठाया जाए. इसके अलावा अधिकारी जिला टास्कफोर्स की बैठक नियमित रूप से करने के साथ- साथ माइनिंग एरिया का समय- समय पर निरीक्षण करें. पुलिस पेट्रोलिंग गश्त भी बढ़ाई जाएं और जिलों में स्थापित क्रेशरों पर भी सतर्कता से निगरानी रखी जाए.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.