8 और 9 नवंबर को खाटू श्याम मंदिर के कपाट रहेंगे बंद, ये है बड़ी वजह

नई दिल्ली | खाटू श्याम मंदिर के 8 नवंबर को चंद्र ग्रहण होने की वजह से पूर्ण रूप से कपाट बंद रहेंगे. 9 नवंबर को बाबा श्याम का तिलक और श्रृंगार होने की वजह से सुबह 4:30 से शाम 5:00 बजे तक कपाट बंद रहेंगे. बता दें कि यह जानकारी मंदिर प्रशासन ने पत्र जारी कर दी है. यह मंदिर काफी प्रसिद्ध मंदिर है.

khatu shyam ji

राजस्थान के सीकर जिले में है यह मंदिर

खाटूश्याम मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है. यह भगवान कृष्ण के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है. हिंदू धर्म के अनुसार, इस मंदिर का बहुत महत्व है. ऐसा माना जाता है कि खाटूश्याम जी को भगवान कृष्ण से वरदान मिला था कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम नाम से की जाएगी. खाटूश्याम जी का बचपन में बर्बरीक नाम था और श्याम नाम उन्हें भगवान कृष्ण ने दिया था.

कहा जाता है कि उनके बाल घुँघराले थे इसलिए उनका नाम बर्बरीक पड़ा. इसके अलावा उन्हें श्याम बाबा, खाटू वाला श्याम, कलियुग के अवतार, दीनो के नाथ, खाटू नरेश आदि नामों से भी पुकारा जाता है. खाटू श्याम जी बचपन में वीर और पराक्रमी थे. उन्होंने अपनी मां मोरवी और भगवान कृष्ण से युद्ध की कला सीखी.

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कैसे पहुंचें खाटूश्याम मंदिर

खाटूश्याम मंदिर जयपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर खाटू गांव में स्थित है. अगर आप यहां फ्लाइट से जाना चाहते हैं तो जयपुर एयरपोर्ट जा सकते हैं और फिर वहां से टैक्सी ले सकते हैं. आप ट्रेन से जयपुर जा सकते हैं और टैक्सी से इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं. आप दिल्ली से सड़क मार्ग से 5-6 घंटे में यहां पहुंच सकते हैं.

भीम के पुत्र थे खाटूश्याम

खाटूश्याम जी का संबंध मध्यकालीन महाभारत से है. वह भीम के पुत्र घटोत्कच और दैत्य मुर की पुत्री मोरवी के पुत्र थे. खाटूश्याम बचपन से ही बहुत वीर योद्धा थे और उनकी क्षमताओं और शक्तियों से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने बाबा खाटूश्याम को कलियुग में श्याम के रूप में उनकी पूजा करने का वरदान दिया था. खाटूश्याम मंदिर राजस्थान राज्य के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक माना जाता है.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.