अग्निवीर महिला भर्ती को लेकर महिलाओ में जोश, सेना में जाने का सपना हो रहा सकार

चंडीगढ़ | अग्निवीर योजना लड़कियों के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है. सरकार ने युवा पीढ़ी को सैन्य वर्दी पहनने का मौका दिया है. यह योजना भारत की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानसिकता को बदल सकती है. यह समझना जरूरी है कि यह योजना इन ग्रामीण महिलाओं के लिए कैसे गेम चेंजर साबित होगी. सीएम मनोहर लाल ने ट्वीट कर कहा है कि अग्निपथ योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है. अब देश प्रदेश की 12वीं पास बेटियां भी अग्निवीर योजना के माध्यम से सेना में जाने के अपने सपने को साकार कर पा रही हैं. लड़कियों का कहना है कि पहले नेवी में भर्ती होने के लिए ग्रेजुएशन आवश्यक था मगर अब नहीं है.

Agneepath scheme

राजनाथ सिंह ने की योजना की शुरूआत

बता दें कि हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी. इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए “सुधार योजना” के रूप में देखा जा रहा है. इस नई योजना के तहत पहले चरण में लगभग 46,000 सैनिकों की भर्ती की जाएगी, जिसमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल होंगे और इनमें से 25 प्रतिशत सैनिकों को 15 साल के लिए उनकी सेवाओं में बहाल किया जाएगा. शेष 75 प्रतिशत प्रशिक्षित एवं कुशल होंगे तथा सेवा निधि से सेवा से बाहर कर दिये जायेंगे. ये लोग समाज में अन्य सेवाओं में योगदान देंगे जहां विभिन्न सेवाओं में अग्निवीरों के लिए आरक्षण किया गया है इसलिए विभिन्न राज्यों की महिलाएं इस योजना को एक अवसर के रूप में लें जो उन्हें अग्निवीर नारी के रूप में तैयार करेगी.

महिलाएं अपनी सीमाओं के प्रति हो रही जागरूक

इतने वर्षों तक एक क्षेत्र में सीमित रहने के बावजूद महिलाएं अपनी सीमाओं के प्रति जागरूक हो रही हैं. अब वह अपने शरीर पर अधिकार की मांग करने लगी है. वह सामाजिक संस्थाओं में समान स्थान की मांग कर रही है और वह अपनी पहचान को स्वीकार करने की मांग कर रही है. पिछले कुछ वर्षों में कार्यस्थल, राजनीतिक भागीदारी, स्वास्थ्य सुविधाओं और संसाधनों के वितरण में लैंगिक असमानताओं को दूर करने के लिए देश में महिला विकास रणनीतियों में जबरदस्त वृद्धि हुई है.

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ये मिलेंगी सुविधाएं

इतिहास को देखने के बाद अब इसके आर्थिक लाभों पर नजर डालते हैं. भारत में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को कुशल न होने, दूसरों पर निर्भर रहने, महिलाओं से संबंधित कार्यों में कई संगठनों द्वारा नौकरियों की कमी, उन्हें शहरी क्षेत्रों में जगह देने आदि के कारण कई प्रकार की हिंसा का सामना करना पड़ता है. अगर महिलाएं अग्निपथ योजना से जुड़ती हैं तो इस स्थिति को बदला जा सकता है, इससे उन्हें 11.71 का सेवा कोष और एक करोड़ का जीवन बीमा भी मिलेगा. सरकार चार साल की सेवा के बाद सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास में मदद करेगी. उन्हें प्रवीणता का प्रमाण पत्र मिलेगा और उन्हें सिविल सेवाओं में भर्ती के लिए ब्रिज कोर्स की सुविधा दी जाएगी.

अग्निवीर महिलाओं को मिलेगा इतने तक का पैकेज

इस योजना के तहत प्रथम वर्ष में अग्निवीर महिलाओं को भी 30,000 का पैकेज मिलेगा. इसके बाद इसमें 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी यानी दूसरे साल में उन्हें 33,000, तीसरे साल 36,500 और चौथे साल 40,000 का पैकेज मिलेगा. सेवा कोष में योगदान के लिए उनके वेतन का 30 प्रतिशत काटा जाएगा और सेवा समाप्त होने के बाद यानी चार साल बाद सरकार उतनी ही राशि इसमें जोड़ कर उन्हें 11.71 लाख रुपये देगी. सभी अग्निवीर महिलाओं को समान राशि दी जाएगी.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.