चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को लेकर एक नया कदम उठाया है. प्रदेश सरकार ने हरियाणा नगर पालिका वार्ड परिसीमन नियम-1977 में बदलाव कर दिया गया है यानि अब हरियाणा वार्ड परिसीमन नियम (संशोधन) 2022 के नाम से जाना जाएगा. इस संशोधन के बाद अब वार्डों में आबादी के आधार पर वार्डों की संख्या निर्धारित की जाएगी.
अब परिवार पहचान पत्र के सत्यापित आंकड़ों के आधार पर (हरियाणा पहचान पत्र अधिनियम 2021) के हिसाब से निर्धारण होगा. हर एक समीति के निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली सीटों की संख्या अब नए फार्मूले के हिसाब से दोबारा निर्धारित की जाएगी.
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नगरपालिका की जनसंख्या |
सीटों की संख्या |
| 10 हजार से कम | 11 |
| 10 से ज्यादा लेकिन 20 हजार से कम | 13 |
| 20 से अधिक लेकिन 30 हजार से कम | 15 |
| 30 हजार से ज्यादा लेकिन 40 हजार से कम | 17 |
| 40 हजार से ज्यादा लेकिन 50 हजार से कम | 19 |
| 50 हजार से अधिक लेकिन 60 हजार से कम | 21 |
| 60 हजार से अधिक लेकिन 70 हजार से कम | 23 |
| 70 हजार से अधिक लेकिन 80 हजार से कम | 25 |
| 80 हजार से अधिक लेकिन 90 हजार से कम | 27 |
| 90 हजार से अधिक लेकिन एक लाख से कम | 29 |
| 1 लाख से अधिक लेकिन 3 लाख से कम | 31 |
एससी सीटें निर्धारित करने का फार्मूला
एससी जाति से संबंधित सदस्यों की सीटों की संख्या प्रत्येक समिति में उनकी जनसंख्या के अनुपात में निम्न फार्मूले से निर्धारित होगी.
कुल सीटों की संख्या × अनुसूचित जाति की जनसंख्या ÷ कुल जनसंख्या
