चंडीगढ़ | हरियाणा में ई- टेंडरिंग को लेकर मचे बवाल पर सीएम मनोहर लाल ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पंचायतों की पॉवर कम करने की बजाय बढ़ाई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल के जरिए ही ई-टेंडर होंगे. प्रदेश सरकार ने सरपंच, पंचायत समिति व जिला परिषद के चेयरमैन को अपने फंड व ग्रांट इन ऐड से छोटे या बड़े चाहे जितनी भी राशि के काम हो करवाने का अधिकार दिया है.
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए ई- टेंडर प्रणाली को लागू किया गया है. इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता स्तर में वृद्धि होगी. उन्होंने पंच- सरपंचों को सुशासन पर चलने की सलाह देते हुए कहा कि इसके लिए प्रदेश सरकार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के माध्यम से नीलोखेड़ी (करनाल) में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी.
राजनीति कर रहे हैं कुछ लोग
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस युग में हर व्यवस्था आनलाइन हो रही है. पंचायतों के लिए ई- टेंडर प्रणाली पर विपक्षी दलों के लोग भ्रम फैला कर सरपंचों को गुमराह करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं लेकिन ये दौर पढ़ी- लिखी पंचायतों का है जो अधिकारियों से काम करवाने में सक्षम है. पढ़ें- लिखे सरपंच इन नेताओ के जाल में नहीं फसेंगे और इनकी झूठ की राजनीति का पर्दाफाश करेंगे.
1100 करोड़ का बजट
सीएम मनोहर लाल ने बताया कि इस वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिए गांवों में विकास कार्यों के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 1,100 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है. इसमें से 850 करोड़ केवल पंचायतों को दिया गया है. वहीं, सर्वसम्मति से चुने गए प्रतिनिधियों के लिए भी अलग से 300 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की गई है. उन्होंने बताया कि पंचायतों को विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने के लिए अधिकृत किया है.
