भिवानी | खेल मैदान से हरियाणा के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. बता दें कि प्रदेश की युवा पीढ़ी खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर देश का गौरव बढ़ा रही हैं. यहां लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियों में खेलों में पदक जीतकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हुए खुद को साबित कर रही है. इसी कड़ी में भिवानी जिले की बेटी प्रिया घणघस ने गोल्ड मेडल जीतकर हरियाणा और हिंदुस्तान का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है.

विरोधी को दी एकतरफा पटखनी
मंगोलिया के उलानबटोर में आयोजित हुई एशियन एलीट मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 में भिवानी जिले के गांव धनाना की बेटी प्रिया घणघस ने दमदार खेल का मुआयना पेश करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया. उन्होंने फाइनल मुकाबले में अपनी प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज खिलाड़ी पर जोरदार पंच जड़ते हुए उन्हें एकतरफा हार का स्वाद चखाया. गोल्ड मेडल के लिए खेले गए इस मैच में उन्होंने अपनी शानदार मुक्केबाजी दिखाते हुए विरोधी खिलाड़ी को नेस्तानाबूद कर दिया.
गोल्ड मेडल जीतने की खुशी जाहिर करते हुए प्रिया घणघस ने बताया कि उन्हें बचपन में कुश्ती खेलने का बहुत शौक था और इसी में वो आगे अपना करियर बनाना चाहती थी लेकिन बॉक्सर विजेंदर सिंह के ओलंपिक खेलों में मेडल जीतता देखकर बॉक्सिंग खेलना शुरू कर दिया और यहां तक का सफर तय किया.
देश के लिए फिर से पदक जीतना लक्ष्य
उन्होंने बताया कि यह मेरी पहली सीनियर चैंपियनशिप थी और मुझे पूरी तरह से विश्वास था कि भारत देश के लिए मेडल जीतकर आउंगी. इस शानदार उपलब्धि में कोच और परिजनों का पूरा सहयोग रहा, जिसकी वजह से गोल्ड मेडल जीतने की राह आसान हो गई. प्रिया घणघस ने बताया कि अब उनका अगला टारगेट एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ खेलों में फिर से भारत देश के लिए पदक जीतना है और पूरी कोशिश रहेगी कि गोल्ड मेडल ही जीतना है.
2028 ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी शुरू करना है. अब और ज्यादा मेहनत करनी होगी ताकि बॉक्सिंग में और ज्यादा निपुणता हासिल की जा सकें. प्रिया ने कहा कि यदि आप निरंतर परिश्रम और लगन से मंज़िल की ओर बढ़ते हैं तो एक दिन सफलता आपके कदम अवश्य चूमती है.