नई दिल्ली, April New Rule Update | अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आज की यह खबर आपके लिए काफी खास होने वाली है. 1 अप्रैल 2026 से कंपनियों के शेयर बायबैक के जरिए होने वाली कमाई पर भी अब टैक्स लगने वाला है. लोकसभा में बुधवार को सरकार की तरफ से पेश किए गए 32 संशोधन के साथ फाइनेंस बिल को भी पास कर दिया गया है. इस वजह से नियमों में कुछ बदलाव भी हुआ है. आज हम आपको उन्हीं के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम
नए नियमों के अनुसार, अब बाय बैक से होने वाले कैपिटल गेन्स पर व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट दोनों तरह के शेयरधारकों को 12% तक का फ्लैट सरचार्ज देना होगा. अगर आप नए और पुराने नियमों में अंतर जानना चाहते हैं, तो हम आपको उसके बारे में भी विस्तार से जानकारी देने वाले हैं. अभी बायबैक से कैपिटल गैंन के मामले में 50 लाख रुपए तक के टैक्सेबल इनकम पर किसी प्रकार का कोई सरचार्ज नहीं लगता है. वही 50 लाख से 1 करोड रुपए तक के टैक्सेबल इनकम पर 10% सरचार्ज लगता है.
कॉर्पोरेट शेयरहोल्डर्स की बात की जाए तो एक करोड रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर किसी प्रकार का कोई भी सर चार्ज नहीं लगता है. 1 करोड़ से 10 करोड रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर 7% तक का सर चार्ज लगता है. फाइनेंस बिल में शामिल किए गए संशोधन में उन सिचुएशंस में भी बदलाव किया गया है जिनमें इनकम टैक्स अथॉरिटी की ओर से दी गई मंजूरियों को अवैध नहीं माना जाएगा.
फाइनेंस मिनिस्टर ने शेयर की जानकारी
जानकारी देते हुए बताया गया कि इस एक्ट के जरिए किसी भी असेसमेंट, रीअसेसमेंट, इनकम टैक्स या री कंप्यूटेशन प्रोसीडिंग्स के मामले में इनकम टैक्स अथॉरिटी की ओर से दी गई मंजूरी को इस आधार पर इनवेलिड नहीं माना जाएगा. इससे पहले बिल पर चर्चा करते हुए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया था कि कई बड़े कदम मिडिल क्लास और एमएसएमई की सहूलियत के लिए उठाई गए है.
सरकार रिफॉर्म्स की राह पर किसी मजबूरी में नहीं है, बल्कि स्पष्टता के साथ आगे बढ़ रही है. फाइनेंशियल ईयर 2027 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3% पर आने की भी उम्मीद जताई जा रही है जो फाइनेंशियल ईयर 2021 में तकरीबन 9.3% था.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है. Haryana E Khabar निवेश करने से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह लेने की गुजारिश करता है.
