चंडीगढ़ | हरियाणा राज्य में कंप्यूटर साइंस के स्नातकोत्तर शिक्षकों (पीजीटी) के 1711 पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है. हैरानी की बात तो ये है इस भर्ती में 1711 पदों के लिए मात्र 39 युवा इंटरव्यू के लिए सेलेक्ट हो पाए. ऐसे में बिना इंटरव्यू के ही इन युवाओं का चयन कर लिया गया. यह भर्ती प्रक्रिया पिछले सात साल से चल रही थी.
1672 पदों के लिए जारी किया विज्ञापन
इतनी कम संख्या में अभ्यर्थियों के चयन पर विवाद हुआ तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने गुरुवार को आनन-फानन में बाकी शेष 1672 पदों को भरने के लिए फिर से एडवर्टाइजमेंट निकाल दी. हरियाणा लोक सेवा आयोग की तरफ से जारी विज्ञापन में 1594 पद शेष हरियाणा काडर और 78 पद मेवात काडर के हैं. इन पदों के लिए 16 फरवरी से आवेदन शुरू होंगे तथा उम्मीदवार 9 मार्च की शाम पांच बजे तक आनलाइन आवेदन कर पाएंगे. बुधवार को एचपीएससी ने सब्जेक्ट नालेज टेस्ट का रिजल्ट जारी किया तो हर कोई हक्का-बक्का रह गया.
5000 में से मात्र 39 उम्मीदवार पास
लगभग पांच हजार अभ्यर्थियों में से सिर्फ 39 उम्मीदवार ही सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में पास हुए हैं. वर्ष 2019 में पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और फिर एचपीएससी ने विज्ञापन संख्या (26/2023 व 36/2023) के अंतर्गत पीजीटी कंप्यूटर साइंस के 1711 पद विज्ञापित हुए थे. इनमें हरियाणा काडर के 1633 व मेवात काडर के 78 पद शामिल थे. हरियाणा काडर के 1633 पदों में 898 पद सामान्य वर्ग, 327 एससी, 163 बीसीए, बीसीबी, 163 ईडब्ल्यूएस और मेवात काडर के 78 पदों में से 43 सामान्य, 15 एससी, 8 बीसीए, 4 बीसी बी व 8 पद ईडब्ल्यूएस के लिए रिजर्व किए गए.
98 प्रतिशत पद रह गए खाली
15 जून को इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था. परीक्षा देने वाले सुमित, अंकिता शर्मा, स्नेह यादव, नीलम और विवेक सहित अन्य युवाओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य परीक्षा में न्यूनतम 35% अंकों की अनिवार्यता की वजह से इन पदों को नहीं भरा जा पा रहा है. सिर्फ 39 अभ्यर्थी पास हुए हैं, जो 1711 पद के मुकाबले 2.45% है. ऐसे में लगभग 98% पद खाली ही रह गए.
उन्होंने आयोग द्वारा दोबारा से भर्ती निकालने का स्वागत करते हुए कहा कि इस बार मुख्य परीक्षा में 35% अंकों के नियम को समाप्त किया जाना चाहिए. अब देखना होगा कि यह नियम समाप्त होता है या फिर इसी नियम के अनुसार चयन किया जाता है.
