चंडीगढ़ | 17 नवंबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की तरफ से पीजीटी अंग्रेजी का स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया था. इसमें प्रदेशभर से लगभग 4800 आवेदक शामिल हुए. 12 दिसंबर को परिणाम पर आपत्तियों की वजह से फाइनल रिजल्ट से 33 प्रश्नों के उत्तरों को हटा ग्रेस अंक का फार्मूला लगाकर 100 अंकों में से परिणाम घोषित कर दिया गया.
33 प्रतिशत प्रश्न गलत होने के बावजूद भी जारी कर दिया गया परिणाम
19 दिसंबर को आवेदकों ने स्क्रीनिंग टेस्ट फिर से कराने की मांग को लेकर एचपीएससी में शिकायत दी. HPSC के सचिव आईएएस मुकेश आहुजा ने कहा कि विशेषज्ञों की राय से परिणाम तैयार किया गया था. पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) अंग्रेजी स्क्रीनिंग टेस्ट में 33 प्रश्न गलत होने के बाद भी परिणाम जारी कर दिया गया. इसके विरुद्ध आवेदक हाई कोर्ट जा पहुंचे. हाई कोर्ट द्वारा इस मामले में हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) को नोटिस जारी किया गया है. इस मामले में अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी.
दोबारा क्यों नहीं करवाई जा रही परीक्षा
आवेदक जतिन सोनी, विक्रांत, पंकज, हर्ष, सविता और हनुमान का कहना है कि कमीशन की तरफ से 2018 में दायर सिविल रिट पिटीशन में भी दलील दी गई थी कि 14 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर गलत होने पर विशेषज्ञों की राय पर फिर से परीक्षा ली गई. अब 33 प्रतिशत प्रश्न गलत होने पर भी फिर से परीक्षा क्यों नहीं करवाई जा रही हैं.
