सिविल सेवा परीक्षा के नियमों में UPSC ने किया बदलाव, 2 मई को होगा प्री एग्जाम

नई दिल्ली | संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तरफ से कल यानि गुरुवार को सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है. इस बार की अधिसूचना नियमों में बदलाव हुए है जिसकी वजह से यह खबरों में है. आयोग द्वारा इस साल की भर्ती प्रक्रिया लिए 933 रिक्तियों के लिए अधिसूचना जारी की गई है. इनमें से 33 पद विशेष दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए रिजर्व हैं. यह परीक्षा यूपीएससी की तरफ से हर साल आयोजित की जाती है. इसमें तीन चरण प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल है.

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आइएएस या आइएफएस नहीं दे सकेगा 2026 की परीक्षा

नए नियमों के मुताबिक, यूपीएससी की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि आइएएस या आइएफएस में कार्य कर रहा कोई भी उम्मीदवार 2026 की परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं रहेगा. अगर कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद आइएएस या आइएफएस में नियुक्त हो जाता है, तो वह प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बावजूद मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा. अगर मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद मगर परिणाम जारी होने से पहले नियुक्ति होती है, तो किसी भी सेवा के लिए उसके नाम पर विचार नहीं होगा.

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2 मई को होगी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा

आइपीएस में पहले से चयनित उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा 2026 के जरिए उसी सेवा में फिर से प्रवेश का पात्र नहीं रहेगा. सिविल सेवा परीक्षा 2026 में आइपीएस या केंद्रीय सेवा समूह ‘ए’ में चयनित उम्मीदवारों के पास संबंधित अधिकारी से पट्रेनिंग में शामिल होने से एक बार की छूट प्राप्त करने पर अगले साल की परीक्षा में बैठने का ऑप्शन होगा.

सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 2 मई को होगी. यूपीएससी की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सभी उम्मीदवारों के लिए फेस आथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है और कुछ सेवाओं में पहले नियुक्त उम्मीदवारों के लिए पात्रता संबंधी कठोर प्रतिबंध लागू किए गए है.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.