कुरुक्षेत्र | केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरफ से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत एक अहम बदलाव किया गया है. अब 12वीं बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट्स की जांच पारंपरिक फिजिकल मोड की अपेक्षा डिजिटल माध्यम से की जाएगी. ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब आंसर शीट की जांच आनस्क्रीन मार्किंग के जरिए की जाएगी.
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी प्रोसेस
इस नई व्यवस्था के तहत, आंसर शीट्स को स्कैन कर परीक्षकों को कंप्यूटर स्क्रीन पर मुहैया कराया जाएगा. शिक्षक निर्धारित मार्किंगस्कीम के आधार पर ऑनस्क्रीन माध्यम से ही उत्तरों का मूल्यांकन कर पाएंगे. यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू होगी. मूल्यांकन के दौरान सही स्टेप्स और कीवर्ड्स के आधार पर अंक दिए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को स्टेप मार्किंग का पूरा बेनिफिट दिया जाएगा.
मार्किंग होगी सटीक
इससे न सिर्फ मार्किंग की सटीकता बढ़ेगी बल्कि अलग- अलग शिक्षकों द्वारा एक ही उत्तर पर अलग-अ लग अंक देने की संभावना भी कम हो जाएगी. अक्सर आपने देखा है कि अलग- अलग शिक्षक एक ही उत्तर पर अलग- अलग अंक देते हैं. ऐसे में डिजिटल माध्यम से मार्किंग होने पर यह संभावना बहुत कम हो जाएगी. नोडल अधिकारी रीटा गोयल द्वारा जानकारी दी गई कि यह परिवर्तन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप किया जा रहा है. इस बदलाव से मार्किंग और भी सटीक होगी.
