अंबाला | सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की तरफ से एक तरफ जहां काउंसिलिंग हब की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ स्पोक स्कूल माडल भी तैयार किया जाएगा. स्पोक स्कूल एक ऐसा स्कूल होगा, जहां अन्य सीबीएसई स्कूलों को भी इसके तहत गाइडेंस दिया जाएगा. विशेष बात ये है कि जो भी स्कूल इस मॉडल के तहत शामिल किया जाएगा, वह कम से कम 10 साल पुराना होना चाहिए. इसको लेकर सभी दिशा- निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
काउंसलिंग हब और स्पोक स्कूल
सीबीएसई काउंसलिंग हब और स्पोक स्कूल तैयार करेगा. इसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को होगा, जबकि बच्चों के परिवार वाले भी इसमें शामिल हो पायेंगे. वे भी विद्यार्थियों को लेकर अपनी शंकाएं दूर कर पायेंगे. वर्तमान में पूरे देश में जहां सीबीएसई स्कूलों की संख्या 30 हजार है. वहीं, अंबाला में कुल 112 स्कूल स्थापित है.
पूरी योजना
प्लानिंग के तहत, सीबीएसई की तरफ से एक कैलेंडर तैयार किया गया है. इसमें जानकारी दी गयी है कि क्या-क्या गतिविधियां स्कूल की तरफ से करवाई जाएंगी. इसके तहत काउंसलिंग, स्वयं को पहचानना जैसे प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा. इसी प्रकार भावनाओं को समझाने, व्यवहारिकता आदि पर भी जानकारी दी जाएगी.
इसमें शार्ट फिल्म, पोस्टर बनाना जैसी गतिविधियां शामिल होंगी. इसी प्रकार 21वीं सदी के स्किल के बारे में जानकारी दी जाएगी की, कैसे उस पर काम कर सकते हैं. इसी प्रकार माइंडसेट ग्रोथ, फैसला करने की क्षमता बढ़ाने पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा.
इन स्कूलों को किया जाएगा शामिल
स्कूल हब के तहत सीबीएसई उन स्कूलों को ही शामिल करेगा, जो कम से कम 10 साल से कार्यरत है. प्रिंसिपल या हेडमास्टर को भी पांच साल का अनुभव हो, जबकि स्कूल के पास रेगुलर काउंसलर होना चाहिए. इसी प्रकार स्कूल में स्पेशल एजुकेटर की भी तैनाती होनी चाहिए. सीबीएसई को स्कूल द्वारा फीडबैक का भी इंतजाम होना चाहिए. स्पोक स्कूल के लिए स्कूल के पास सीबीएसई की एफिलिएशन होनी चाहिए. हर 10 से 15 किलोमीटर में ऐसा एक स्कूल होगा. यही से कुछ स्कूल शामिल होंगे जो इसके तहत होने वाली गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करेंगे.
