चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का सफलतापूर्वक आयोजन सम्पन्न हुआ जिसमें 13 दिन तक लगभग 55 घंटे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. बजट सत्र की समाप्ति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि सत्र में 3 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए. इनमें आवासन बोर्ड को भंग करने, सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम 1993 के निरसन तथा जीएसटी से जुड़े टैक्स ढांचे में संशोधन शामिल हैं.
हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2026
मार्च, 2027 के 31वें दिन को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष 2026- 27 के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा राज्य की संचित निधि में से कुल 279602,43,26,340 रुपये के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार देने लिए हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2026 पारित किया गया है.
हरियाणा पुलिस (संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा पुलिस अधिनियम, 2007 को संशोधित करने के लिए हरियाणा पुलिस (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया है.
हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 को संशोधित करने के लिए हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया है. प्रदेश सरकार ने 12वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राजस्व घाटे को समाप्त करने तथा राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर लाने के उद्देश्य से हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 अधिनियमित किया था. इसकी अधिसूचना 6 जुलाई, 2005 को जारी की गई थी.
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 को संशोधित करने के लिए हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया. यह अधिनियम हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2026 कहा जाएगा तथा 30 जनवरी, 2026 से लागू हुआ समझा जाएगा.
हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2026
हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) अधिनियम, 2017 को संशोधित करने के लिए हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया गया. हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) अधिनियम, 2017 (2017 के हरियाणा अधिनियम संख्या 28) का उद्देश्य किसी परियोजना को स्थापित करने की वजह से रह गए भू- खण्डों को समेकित करने तथा उससे सम्बन्धित या उससे अनुवांशिक मामलों के लिए विशेष उपबंध करना है.
