चंडीगढ़ | हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित हुई अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. राज्य में हरियाणा आपदा राहत बल की दो बटालियन स्थापित की जाएगी जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने और लोगों की सहायता के लिए काम करेंगी.
जींद में बनने वाले अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान का शिलान्यास भी जल्द किया जाएगा. पूरे प्रदेश में 59 अग्निशमन केंद्र और खोले जाएंगे तथा 265 अग्निशमन वाहन खरीदे जाएंगे, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके.
आवेदन करते ही मिलेगी NOC
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) आवदेन करते ही आटोमेटिक मिल जाएगा. नवीनीकरण होने के बाद विभाग के अधिकारी 15 दिन में अचानक चेक भी करेंगे. फायर NOC को सीएम डैशबोर्ड के साथ जोड़ा जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंडिंग एनओसी रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
उन्होंने बताया कि नई तकनीक से लैस 101 मीटर वाली अग्निशमन की दो गाड़ियां जल्द खरीदी जाएंगी. हाइड्रोलिक प्लेटफार्म के 13 अग्निशमन वाहन व ब्लाक लेवल के 250 अग्निशमन वाहन खरीदे जाएंगे. वाहनों में लगे पानी के पाइप की लंबाई की क्षमता को एक हजार मीटर तक बढ़ाया जाएगा ताकि भीड़- भाड़ वाले इलाकों में आसानी से पहुंचाया जा सकें.
खरीदे जाएंगे फायर फाइट रोबोट
मुख्यमंत्री ने कहा कि जींद में बनने वाले अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान में NDRF के मानदंडों के अनुसार भूकंप, आग, बाढ़ जैसी आपदा से संबंधित ट्रेनिंग करवाई जाएगी. प्रदेश में जितने भी तैराक है, उनका डाटा तैयार कर एक पोर्टल बनाया जाएगा. भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार प्रदेश में फायर स्टेशन खोलने के लिए मैपिंग करवाई गई थी, जिसके तहत प्रदेश में 59 नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे. 10 आधुनिक फायर फाइट रोबोट भी जल्द खरीदे जाएंगे, जिनका पायलट के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा.
