चंडीगढ़ | हरियाणा परिवहन विभाग (Haryana Transport Department) में कार्यरत चालक व परिचालकों की तरह स्वास्थ्य विभाग के 6000 कर्मी भी अबकी बार वर्दी धुलाई भत्ते से वंचित रह गए. इन कर्मचारियों को बिना किसी पहले सूचना के वर्दी धुलाई भत्ता रोके जाने पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी में नाराजगी देखी जा रही है और उन्होंने तुरंत प्रभाव से सरकार से इसे जारी करने की मांग की है.
पदाधिकारियों ने जताई नाराजगी
इस विषय में जानकारी देते हुए बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन की राज्य प्रधान शर्मिला देवी और महासचिव सहदेव सांगवान तथा स्वास्थ्य सुपरवाइजर संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामेहर वर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा जुलाई के महीने में जारी किए गए वेतन में वर्दी धुलाई भत्ते को शामिल नहीं किया गया है. मुख्यालय से सूचना मिली कि इस सैलरी के चलते वर्दी धुलाई भत्ते का विकल्प वित्त विभाग द्वारा हटा दिया गया है जिसके कारण ही इन कर्मचारियों को वर्दी धुलाई भत्ते से वंचित रहना पड़ा है.
सरकार से तुरंत बहाली की मांग
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में एमपीएचडब्ल्यू के करीब 6000 महिला और पुरुष कर्मचारी और निरीक्षक कार्य कर रहे हैं जिनको सरकार पिछले कई सालों से 900 रुपये प्रति माह वर्दी धुलाई भत्ता दिया जा रहा है. बिना किसी पूर्व सूचना के इस भत्ते को रोक देने से कर्मचारियों और उनके परिवारों के साथ कुठाराघात हुआ है.
इसके चलते उन्होंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उच्च अधिकारियों को इस विषय में पत्र लिखा है. जल्द- से- जल्द इस भत्ते के विकल्प को ही सैलरी में जोड़कर राशि जारी करने की मांग की है.
