नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार की बहुचर्चित प्रधानमंत्री जन- धन योजना (PM Jan- Dhan Yojana) को 11 साल पूरे हो चुके है. इन 11 सालों में योजना के तहत, खोले गए अकाउंट्स की संख्या का आंकड़ा 56.16 करोड़ हो चुका है. वहीं, इन अकाउंट्स में 2.68 लाख करोड़ रूपए जमा किए गए. इस योजना के तहत, खाताधारकों को कई बड़ी सुविधाओं का लाभ मिलता है. इनमें से एक सुविधा ओवरड्राफ्ट है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करते हैं.
क्या हैं ओवरड्राफ्ट लिमिट?
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत लाभार्थी 10000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. बता दें कि ओवरड्राफ्ट के तहत अगर आपके अकाउंट में पर्याप्त पैसा नहीं है, फिर भी आप एक निश्चित सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं या लेनदेन कर सकते हैं. योजना के तहत, सभी लाभार्थियों को 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर के साथ एक निःशुल्क Rupay Debit Card प्राप्त होता है.
आंकड़ों का गणित
वित्त मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री जन- धन योजना के तहत खोले गए 56.16 अकाउंट्स में से 67% खाते ग्रामीण और अर्ध- शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे 45 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं. भारत की 94 फीसदी वयस्क आबादी का बैंकों में अकाउंट हैं.
प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों को कुल 38.68 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं. इससे उन्हें नकदी रहित लेनदेन की सुविधा मिली है और अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर तक पहुंच प्राप्त हुई है. ये खाते प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), अटल पेंशन योजना (APY) और माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी बैंक (मुद्रा) योजना के लिए पात्र हैं.
