चंडीगढ़ | हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना उम्मीदवार घोषित किया गया है. बताया जा रहा है कि खुद राहुल गांधी ने उनके नाम का सुझाव दिया था. इसको लेकर हरियाणा कांग्रेस में बड़ी नाराजगी देखने को मिल रही है. OBC समाज की अनदेखी का आरोप लगाते हुए एक बड़े नेता नेता ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया है.
हरियाणा कांग्रेस को तगड़ा झटका
पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंद्र हुड्डा के बेहद नजदीकियों में शामिल ओबीसी समाज के बड़े नेता तेलूराम जांगड़ा ने कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर नाराजगी जताते हुए पार्टी को अलविदा कह दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है.
उन्होंने कहा कि राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में OBC समाज को प्राथमिकता न दिए जाने से वे बेहद दुखी हैं. इसी विरोध में उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने पद से इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से केवल वे ही नहीं बल्कि कई अन्य ओबीसी नेता नाराज हैं और कांग्रेस पार्टी छोड़ने पर विचार कर रहे हैं.
लगातार हो रही अनदेखी
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस अब एक विशेष वर्ग की पार्टी बनकर रह गई हैं और ओबीसी समाज को निरंतर अनदेखा किया जा रहा है. पहले लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव में भी ओबीसी समाज को नजरंदाज किया गया था. जिसका परिणाम यह हुआ कि हरियाणा में कांग्रेस पार्टी को विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार झेलनी पड़ी.
तेलूराम जांगड़ा ने कहा कि हरियाणा में ओबीसी और विश्वकर्मा समाज की आबादी का आंकड़ा लगभग 30% है. इसके बावजूद पार्टी संगठन में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है. यहां तक कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में भी इस वर्ग के लोगों को पर्याप्त जगह नहीं दी गई. बता दें कि तेलूराम जांगड़ा 2010-16 तक हरियाणा सरकार में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रह चुके हैं. इस्तीफे से पहले वे हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के ओबीसी कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे.
