चंडीगढ़ | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित अपने निवास स्थान ‘संत कबीर कुटीर’ में विभिन्न विश्वविद्यालयों के नवनियुक्त कुलपतियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालयों को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण मार्गदर्शन, संसाधन और समर्थन का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को एक ऐसे राज्य के रूप में विकसित करना है, जहां विद्यार्थियों को न केवल उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिले, बल्कि उन्हें भविष्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर भी मिल सकें.
हर जिले में बनेगा मॉडल कॉलेज
मुख्यमंत्री सैनी ने प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल कॉलेज और एक मॉडल स्किल स्कूल स्थापित करने के राज्य सरकार के विजन को प्रमुखता से रखा. उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में छात्रों को विशेष कौशल शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे जॉब मार्केट की प्रतिस्पर्धा में आगे रह सकें. मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विश्वविद्यालय को कम- से- कम 10% शैक्षणिक कार्यक्रम औद्योगिक भागीदारी के सहयोग से चलाने के निर्देश दिए. इससे युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे और साथ ही उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति भी हो सकेगी.
हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष की हुई स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए उद्योगों के साथ समन्वय से कार्य करना होगा. इससे युवा केवल डिग्री प्राप्त कर सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें स्पष्ट दिशा और उद्देश्य भी मिलेगा. उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में उच्च शिक्षा में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ की स्थापना की गई है.
इस कोष के तहत, 20 करोड़ रुपए की प्रारंभिक राशि भी आवंटित की जा चुकी है. यह कोष प्रदेश के नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है. मुख्यमंत्री ने कुलपतियों को निर्देश दिए कि इस निधि का अधिकतम उपयोग ग्रामीण सामाजिक समस्याओं और चुनौतियों से जुड़े अनुसंधान कार्यों में किया जाए.
