हरियाणा में जमीनों का बनेगा डिजिटल नक्शा, जीपीएस से किया जाएगा कनेक्ट

चंडीगढ़ ।  जमीन में हो रही हीरा फेरी और जमीनी विवाद को कम करने के लिए अब हरियाणा सरकार डिजिटल नक्शा तैयार कर रही है. पहले हरियाणा सरकार ने राजस्व विभाग से जुड़ी तमाम जानकारियों को ऑनलाइन किया उसके बाद अब डिजिटल नक्शा बनाने की ओर आगे बढ़े हैं. पूरे राज्य का ऑनलाइन नक्शा बनाया जाएगा जिससे जमीन में हो रही हेरा फेरी में कमी आएगी साथी जमीनी विवाद भी कम होंगे इसके अलावा सरकार हर इंच जमीन पर नजर रख सकेगी और जमीन से जुड़ी हर छोटी-मोटी गड़बड़ी का निवारण हो सकेगा.

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हरियाणा सरकार ने हाल ही में जमीनों के ऑनलाइन नक्शा बनाने का काम शुरू किया है. इन नक्शों को आगे जीपीएस से जोड़ा जाएगा . इनकी तस्वीरें ड्रोन कैमरे से ली जाएंगी. जमीन का सारा काम अब ऑनलाइन ही होगा. पटवारियों को भी अब यह काम ऑनलाइन ही देखना होगा उन सब को टैब मुहैया करवाया गया है जिसके माध्यम से जमीन से जुड़े सारे मसलों का हल किया जा सकेगा. राजस्व विभाग के मुख्य सचिव ने भी यह बताया कि जमीनों के डिजिटल नक्शा के बनने का काम अब शुरू हो गया है ड्रोन कैमरे से तस्वीरें खींची जा रही है और उसकी सहायता से नक्शे बनाए जा रहे हैं.

स्वामित्व योजना के तहत लाल डोरा से गांवों को मुक्त करने के बाद अब हरियाणा सरकार उनके विस्तार के बारे में सोच रही है. जिन भी गांव की आबादी ज्यादा है उनको चिन्हित कर उनका दायरा बढ़ाया जाएगा. इसके प्रथम चरण में 50 गांवों को चिन्हित किया गया है जिनकी आबादी ज्यादा है. इसके अलावा स्वामित्व योजना भी अभी चरम पर है. इसके अंतर्गत 14 लाख संपत्ति कार्ड बनाए गए हैं और 4 इनमें से 40% का वितरण भी हो चुका है. स्वामित्व योजना में 6309 गांवों को चिन्हित किया गया था जिनमें 300 गांव अभी लाल डोरा से मुक्त हो चुके हैं.

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गांव को जमीनों को उनके मालिक के पहचान पत्रों से जोड़ा जा रहा है जिससे जमीन को लेकर किसी तरह का विवाद उत्पन्न ना हो. लाल डोरा के अंतर्गत आने वाली तमाम जमीनों का कोई भी रिकॉर्ड सरकार के पास नहीं था जिसके कारण खरीद और बिक्री के समय किसी तरह की कागजी कार्रवाई नहीं होती थी. कागजी कार्रवाई ना होने के कारण लोगों को बैंक से ऋण भी नहीं दिया जाता था जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था. जिसके बाद हरियाणा सरकार की ओर से गांव की मैपिंग कराई गई और जमीन के मालिकों को संपत्ति कार्ड बांटा गया और जमीनों को उनके पहचान पत्र से जोड़ा गया.इसके बाद वे अपने जमीन की खरीद बिक्री आसानी से कर सकते हैं साथ ही जमीन के लिए बैंक से लोन भी ले सकते हैं

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