हरियाणा में नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार, इतने अंकों के आधार पर होंगे शिक्षक तबादले

चंडीगढ़ | हरियाणा में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया अब पूरी तरह नए ढांचे में नजर आ सकती है. शिक्षा विभाग ने ऐसी ट्रांसफर पॉलिसी तैयार की है जिसमें तबादले का आधार व्यक्तिगत विवेक या सिफारिशें नहीं बल्कि अंक आधारित रैंकिंग होगी. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रत्येक शिक्षक का मूल्यांकन 120 अंकों के पैमाने पर किया जाएगा और इसी आधार पर ट्रांसफर की प्राथमिकता तय की जाएगी.

school teacher

शिक्षा विभाग ने इस नई नीति को अंतिम रूप दे दिया है. जल्द ही, इसे मुख्यमंत्री नायब सैनी की कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है. यदि योजना के अनुसार, मंजूरी मिलती है तो वर्षों से लंबित तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता आने की उम्मीद है. हाल ही में शिक्षक संगठनों ने भी नई ट्रांसफर पॉलिसी की मांग उठाई थी.

18 महीने करने की तैयारी

नई व्यवस्था के तहत, दिव्यांग और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके शिक्षकों को भी विशेष राहत देने का प्रावधान किया गया है. अब 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शिक्षक सुरक्षित श्रेणी में शामिल किए जाएंगे. वहीं, सेवानिवृत्ति के करीब शिक्षकों के लिए पहले जो सीमा 12 महीने थी उसे बढ़ाकर 18 महीने करने की तैयारी है. इससे रिटायरमेंट के अंतिम डेढ़ वर्ष में तबादले का दबाव कम होगा.

सबसे अधिक वेटेज

विशेष श्रेणी के शिक्षकों को इस नीति में सबसे अधिक वेटेज दिया गया है. महिला शिक्षक, विधवा, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही महिलाएं, सिंगल पेरेंट, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक तथा सैन्य और अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी इस श्रेणी में शामिल हैं. इनमें अधिकांश को 10- 10 अंक देने का प्रस्ताव है. विशेष रूप से सिंगल पेरेंट शिक्षकों को अतिरिक्त राहत दी जाएगी.

यह भी पढ़े -  हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी, 18 जून को लगेगा जींद में जॉब फेयर

अब सेवा अनुभव को भी निर्णायक भूमिका दी जाएगी. कुल 120 अंकों में से 30 अंक आयु के लिए, 30 अंक कैडर अनुभव के लिए और 60 अंक विशेष परिस्थितियों के लिए निर्धारित किए गए हैं. इससे आधी रैंकिंग सामाजिक और विशेष परिस्थितियों पर आधारित होगी जबकि शेष अंक उम्र और अनुभव से तय होंगे.

अतिरिक्त अंक समाप्त

इस व्यवस्था में कई पुराने नियमों को हटाने का भी प्रस्ताव है. 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को मिलने वाले अतिरिक्त अंक समाप्त किए जा सकते हैं. इसी तरह पुरुष शिक्षकों को केवल नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के आधार पर विशेष वेटेज नहीं मिलेगा. कपल्स केस नियमों में भी संशोधन प्रस्तावित है और यह सुविधा अब केवल नियमित शिक्षकों तक सीमित रहेगी. वहीं, अनुबंध आधारित कर्मियों को इससे बाहर रखा जाएगा. बता दें कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद राज्य में शिक्षकों के तबादलों की पूरी प्रक्रिया नए सिस्टम के तहत लागू कर दी जाएगी.

Avatar of Sanjucta Pandit
Sanjucta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.