चंडीगढ़ | हरियाणा में पिछले सप्ताह हुई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से 10 जिलों के 615 गांवों में करीब 1 लाख एकड़ फसल खराब हुई है. सीएम नायब सैनी के निर्देशों के बाद जिला उपायुक्तों ने सोमवार को सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी है और इस रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार ने प्रभावित सभी 10 जिलों के लिए ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है. प्रभावित किसान (Kisan) अब ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपने नुकसान की पूरी जानकारी अपलोड कर सकेंगे. बाकायदा मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर किसानों को इसकी जानकारी दी गई है.
सरकार को भेजी गई रिपोर्ट
सूबे की नायब सैनी सरकार के निर्देश पर ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान की जानकारी दर्ज कराने के लिए सोमवार को अंबाला, भिवानी, हिसार, चरखी दादरी, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों में ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया हैं. जिला उपायुक्तों की ओर से सरकार को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक, अंबाला जिले के 166 गांवों में फसल खराब हुई है, जबकि भिवानी जिले के 20 गांव ओलावृष्टि और बेमौसमी बरसात से प्रभावित हुए हैं.
चरखी दादरी जिले के 9 गांव और हिसार जिले के सात गांवों में ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान पहुंचा है. महेंद्रगढ़ जिले के 160 गांव, रेवाड़ी के 81, यमुनानगर के 78, जींद के 66, पलवल के 19 और नूंह जिले के 9 गांवों में बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान पहुंचा है.
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने बताया कि प्रदेश में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और भारी बारिश के कारण 615 गांवों में फसल का नुकसान हुआ है। इन सभी प्रभावित गांवों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है और इसके बारे में किसानो को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी कर दिया गया है।
— DPR Haryana (@DiprHaryana) March 4, 2025
कृषि मंत्री का बयान
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में किसानों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और हरियाणा क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से फसल नुकसान की रिपोर्टिंग की व्यवस्था उपलब्ध है. जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकरण करवाया है, वे अपने निकटतम कृषि अधिकारी या टोल- फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर 72 घंटे के भीतर अपनी फसल खराबे की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं.
