हिसार | गर्मी के मौसम ने दस्तक देना शुरू कर दिया है. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पंखा, कुलर और एसी का सहारा लेते हैं, लेकिन हरियाणा के हिसार (Hisar) निवासी आर्किटेक्ट गोकुल गोयल ने चिलचिलाती गर्मी के बीच अपने घर को ठंडा रखने के लिए यूनिक आइडिया निकाला है. अपने घर को एसी के जैसे ठंडा- ठंडा कूल- कूल बनाने के लिए गोकुल गोयल (Gokul Goyal) ने छत पर 7 हजार कुल्हड़ों का इस्तेमाल किया है.
मिट्टी के कुल्हड़ों से बनाई छत
सेक्टर- 14 निवासी गोकुल गोयल ने बदन झुलसा देने वाली गर्मी से राहत पाने का अनूठा तरीका निकालते हुए मिट्टी के कुल्हड़ों से छत बनाई है. इससे जहां गर्मी से निजात मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर बिजली की भी खासी बचत होगी. उन्होंने बताया कि जो भी नया घर बना रहे हैं या फिर बने हुए घर में गर्मी से बचना चाहते हैं, तो इस उपाय को अपना सकते हैं. कुल्हड़ों से छत बनवाने पर आपको ग्राउंड फ्लोर की तरह टॉप फ्लोर भी फील होगा.
गोकुल ने बताया कि उन्होंने दिल्ली से आर्किटेक्ट की डिग्री हासिल की है. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने ठान लिया था कि कुछ हटकर सबसे अलग करना है, जिसका फायदा लोगों को मिले. कोविड काल के दौरान जब वे अपने घर हिसार लौटें तो घर को ठंडा बनाने के लिए कुल्हड़ों से छत बनाने का यूनिक आइडिया उनके दिमाग में आया.
कुल्हड़ों वाली छत के फायदे
- कुल्हड़ों से एयर गैप बनता है. छत पर हीटिंग कम होती है.
- कमरे का तापमान कम हो जाता है. AC का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती है.
कुल्हड़ों वाली छत की पूरी प्रक्रिया
- सबसे पहले छत की अच्छे से सफाई करते हुए उस पर केमिकल वॉटरप्रूफिंग करवाई.
- फिर उस पर प्रोटेक्शन प्लास्टर लगाने के बाद 7 हजार मिट्टी के कुल्हड़ मंगवाए.
- कॉन्क्रीट की मदद से जाली के जरिए कुल्हड़ों को अच्छे से पैक कर दिया.
- वेस्ट टाइल्स खरीदी और फिर उनके टुकड़े करके उसे घर की छत पर लगाया.
- इसके बाद, व्हाइट सीमेंट और वॉटप्रूफिंग के घोल का इस्तेमाल कर उसे अच्छे से पैक किया.
- फिर छत पर 3 दिन तक पानी रखा और फिर क्योरिंग की.
- इसके बाद ग्राइंडर के जरिए फिनिशिंग करते हुए छत को तैयार कर डाला.
कितना आता है खर्चा?
गोकुल गोयल ने बताया कि कुल्हड़ों के इस्तेमाल से छत बनवाने पर घर के अंदर कमरे के तापमान में 5 डिग्री का अंतर देखने को मिलेगा. इससे एसी के इस्तेमाल में होने वाली बिजली की अच्छी- खासी बचत हो जाती है. कुल्हड़ से छत बनवाने पर 250 रुपए प्रति स्क्वायर फीट का खर्चा आता है.
