चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार द्वारा बागवानी और ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है. इसी कड़ी में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल विविधीकरण कार्यक्रम के तहत ढैंचा, दलहन फसलें (ग्रीष्म मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन) तथा ग्वार की खेती करने की अपील की गई है. इस योजना के अंतर्गत किसानों को 1,000 प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा.
हरियाणा में जमीन की बढ़ेगी उर्वरता
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ढैंचा, दलहन और ग्वार जैसी फसलें मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, नाइट्रोजन की मात्रा में वृद्धि करने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में लाभकारी हैं. ढैंचा एक हरी खाद फसल है जिसे खेत में पलटने से मिट्टी की संरचना सुधरती है और आगामी फसलों की पैदावार में जबरदस्त वृद्धि होती है.
15 अप्रैल तक करें पंजीकरण
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह से 15 अप्रैल तक चलेगी. इसके बाद 16 अप्रैल से 15 मई तक कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खेतों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
किसानों के लिए फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी हेतु फसल विविधीकरण कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है. इसमें ढैंचा, दलहन और ग्वार की खेती अपनाकर किसान साथी मिट्टी की सेहत सुधार सकते हैं. किसान अपने नजदीकी कृषि विकास अधिकारी, खंड कृषि अधिकारी अथवा कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. ढैंचा, दलहन एवं ग्वार की बिजाई करने के बाद इसकी फोटो मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड करना होगा ताकि सत्यापन के बाद उन्हें 1 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सके- डॉ. मनोज वर्मा, कृषि विकास अधिकारी, रेवाड़ी
