चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि मंगलवार को नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) की समीक्षा बैठक बुलाई गई थी जिसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि कृषि से होने वाली 5 लाख रुपए तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी परिवार को उन योजनाओं से वंचित नहीं किया जाएगा जिनके लिए 1.80 लाख रुपए वार्षिक आय सीमा निर्धारित हैं.

किसानों को मिलेगी राहत
प्रदेश सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत पहुंचेगी जो कृषि से होने वाली सालाना आमदनी के चलते पेंशन या राशनकार्ड कटने के डर से घबराए हुए थे. समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार पहचान पत्र (PPP) में आय सत्यापन का कार्य ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएं.
उन्होंने बताया कि विभाग जल्द PPP.2 नाम से नया डाटा प्लेटफॉर्म तैयार करने जा रहा है, जिसके बाद लोगों को PPP स्मार्ट कार्ड भी उपलब्ध कराएं जाएंगे. वहीं, क्रीड के आयुक्त और सचिव जे गणेशन ने बताया कि कई परिवारों की आय का सत्यापन लंबित होने से उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. अलग- अलग रिपोर्टों में आय संबंधी अंतर आने से सही निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है.
फैमिली आईडी की खामियां होगी दूर
सीएम सैनी ने निर्देश दिए कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर की ओर से तैयार आय रिपोर्ट को ग्राम सभा में रखा जाए और ग्राम सभा के फैसले को अंतिम माना जाए. उन्होंने लंबित आय सत्यापन मामलों को अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से निपटाने और लंबित मामलों को एक माह में समाप्त करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फैमिली आईडी की वजह से लोगों को हो रही परेशानियों को खत्म करने पर प्राथमिकता से काम किया जाएं. जहां कहीं भी आंकड़ों के हेरफेर से समस्या आ रही है, उसे दूर करने पर जोर दिया जाएं.