चंडीगढ़ | हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) द्वारा दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) ने वित्त वर्ष 2026- 27 के लिए बिजली दरों को यथावत बनाए रखने का बड़ा फैसला लिया है.
लगभग 4,484.71 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का अनुमान लगाया गया था लेकिन HERC ने उपभोक्ताओं के कड़े विरोध का हवाला देते हुए बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है. इस फैसले से प्रदेश के लगभग 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचेगी. संशोधित दरें अगले महीने की 1 तारीख से लागू हो जाएगी.
हरियाणा में किसानों को मिलती रहेगी सब्सिडी
HERC ने कृषि ट्यूबवेल बिजली आपूर्ति के लिए राज्य सब्सिडी हेतु 7,870.32 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. किसान 7.48 रुपए प्रति यूनिट की वास्तविक लागत के मुकाबले केवल 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से अपने बिजली बिल का भुगतान करेंगे. वहीं, किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए 31 दिसंबर, 2023 तक 10 BHP तक के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों को अपनी वरिष्ठता खोए बिना अपना लोड बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी. यह एक बार मिलने वाली सुविधा 31 मई, 2026 तक उपलब्ध रहेगी.
आमजन को इस दर से करना होगा भुगतान
हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को उर्जा और फिक्स्ड चार्ज पर 5% की छूट देने का फैसला लिया है. गौर रहे कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 0- 150 यूनिट तक के लिए 2.95 रुपये प्रति यूनिट, 151- 300 यूनिट के लिए 5.25 रुपये प्रति यूनिट, 301 से 500 यूनिट के लिए 6.45 रुपये प्रति यूनिट और 501 से 1000 यूनिट के लिए 7.10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा.
