चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की तरफ से राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए कई प्रकार की सुविधा प्रदान की जा रही हैं. सरकार की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई में निपुण हो और आगे चलकर एक शानदार भविष्य का निर्माण कर पाए तथा राज्य के विकास में भी अहम योगदान दें. इसी के चलते सरकार द्वारा एक नई पहल की गई है. बता दें कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सेशन 2026- 27 से दो विदेशी भाषाएं पढ़ाई जाएंगी.
इन स्कूलों में पढ़ाई जाएगी जर्मन भाषा
ये दोनों भाषा फ्रेंच और जर्मन होगी. हरियाणा के सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए जर्मन दूतावास/ गोएथे इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के साथ एमओयू साइन किए गए हैं. यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी 2020 के उद्देश्यों के अंतर्गत की गई है जिसमें बहुभाषिकता, सांस्कृतिक आदान- प्रदान को अहम माना गया है. विभाग की तरफ से पहले से ही फ्रेंच भाषा कार्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया प्रोग्रेस पर है. इसी के चलते अब जर्मन भाषा को भी हरियाणा के चयनित सरकारी विद्यालयों खासतौर से संस्कृत मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता शिक्षा विद्यालय तथा पीएम श्री स्कूलों में लागू किया जाएगा.
शुरू होगा कार्यक्रम
विभाग द्वारा जल्दी ही ईओआई जारी की जाएगी इसके जरिए लगभग 60 शिक्षकों को चयनित किया जाएगा तथा उन्हें जर्मन भाषा में ट्रेंड किया जाएगा. प्रशिक्षित शिक्षक आगे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भाषा शिक्षा देंगे. एमओयू के तहत जर्मनी एवं भारत के बीच भाषा, संस्कृति एवं साहित्य मिलेगा. शिक्षक एवं विद्यार्थियों के लिए एक्सचेंज प्रोग्राम संचालित होंगे इससे अंतरराष्ट्रीय अनुभव एवं समझ का विकास होगा. यह प्रोग्राम फ्रेंच भाषा कार्यक्रम की तर्ज पर जल्दी शुरू होगा.
भाषा रही बड़ी बाधा
माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जितेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि यह पहल सीएम नायब सिंह सैनी के ऐलान का भाग है तथा एनईपी 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम है. इससे हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभायेगा. जर्मनी में भारतीय विद्यार्थियों के लिए ज्यादातर उच्च शिक्षा फ्री उपलब्ध है, मगर सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषा एक बड़ी अड़चन रही है.
पढ़ाई जाएगी विदेशी भाषा
हरियाणा के मुख्यमंत्री, नायब सिंह सैनी ने बताया कि ऐसा प्रदेश में पहली बार होगा जब सरकारी स्कूलों में दो- दो विदेशी भाषाएं पढ़ाई जाएंगी. यह भाषा संस्कृत मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता शिक्षा विद्यालय तथा पीएम श्री स्कूलों में पढ़ाई जाएंगी.
