चंडीगढ़ | हरियाणा में गिरते भू- जलस्तर को रोकने के लिए सरकार ने फसल विविधीकरण और धान की सीधी बिजाई को बढ़ावा देने वाली योजनाओं में प्रोत्साहन राशि बढ़ा दी है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘मेरा पानी- मेरी विरासत’ और ‘फसल विविधीकरण और जल संरक्षण’ योजनाओं के तहत राशि बढ़ाने को मंजूरी दी है. इसके बाद कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने अधिसूचना जारी कर दी.
मेरा पानी- मेरी विरासत’ के तहत धान की जगह वैकल्पिक फसल लगाने पर किसानों को पहले साल 8000 रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे. ह राशि पांचवें साल बढ़कर 10,000 रुपये हो जाएगी.
हरियाणा सरकार ने बढ़ाई राशि
दूसरे, तीसरे और चौथे साल क्रमश: 8300, 8800 और 9400 रुपये दिए जाएंगे. दालें, तिलहन और कपास की खेती करने पर 2000 रुपये का अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा. वहीं, धान की सीधी बिजाई यानी DSR अपनाने पर पहले वर्ष 4500 रुपये से शुरुआत होगी. दूसरे साल 4700, तीसरे साल 5000, चौथे साल 5400 और पांचवें साल 6000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा. इसके लिए मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर वही किला नंबर दर्ज होना जरूरी है.
इन फसलों पर मिलेगा लाभ
धान की जगह मक्का, कपास, खरीफ की दालें, तिलहन, चारा, कृषि- वानिकी, खरीफ प्याज, बागवानी फसलें और सब्जियां उगाने वाले किसान योजना के पात्र होंगे. धान की जगह खेत खाली छोड़ने वाले किसान भी लाभ ले सकेंगे. हालांकि लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने पिछले साल उसी खेत में धान उगाया था. अगर किसान किसी वर्ष वैकल्पिक फसल लगाना बंद करता है तो उस साल प्रोत्साहन नहीं मिलेगा. 1 साल के अंतराल के बाद दोबारा योजना अपनाने पर नया नामांकन माना जाएगा और 8000 रुपये शुरुआती प्रोत्साहन मिलेगा.
40 हजार तक सब्सिडी
धान की सीधी बिजाई वाली DSR मशीन खरीदने पर कीमत की 50 प्रतिशत या अधिकतम 40 हजार रुपये तक सब्सिडी मिलेगी. राशि DBT के जरिए बैंक खाते में पहुंचेगी. हरी खाद के लिए ढैंचा, मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन और ग्वार जैसी फसलें लगाने पर 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दिया जाएगा.
