चंडीगढ़ | अगर आप बेरोजगार हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. हरियाणा सरकार कौशल रोजगार निगम के तहत युवाओं को विदेश भेजने का सपना साकार कर रही है. बीते दिनों भी युवाओं को विदेश में रोजगार दिलवाया गया था और आगे भी सरकार उन्हें विदेश में नौकरी का अवसर देने की तैयारी कर रही है. हाल ही में इजराइल में 225 निर्माण वर्करों और 30 युवाओं को जर्मनी में नौकरी दिलवाई गई है.
दुबई में 100 ड्राइवर की मांग
रूस, स्लोवाकिया, नॉर्वे और जर्मनी में डेढ़ सौ युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है. इसी कड़ी में संयुक्त अरब अमीरात ने दुबई के लिए 100 ड्राइवर की मांग की है, जिसे सरकार द्वारा पूरा करवाने की प्रक्रिया जारी है. हरियाणा कौशल रोजगार निगम को रिक्रूटिंग एजेंसी के रूप में मान्यता मिल चुकी है. एचकेआरएन और विदेश सहयोग विभाग मिलकर राज्य के युवाओं को विदेशों में नौकरी दिलाने का काम करेंगे. इससे फायदा यह होगा कि प्रदेश के युवाओं को न तो फर्जी ट्रैवल एजेंसी का शिकार होना पड़ेगा और न ही उन्हें अवैध रूप से विदेश में छुपकर काम करने की जरूरत पड़ेगी.
इजराइल में नर्सों की भारी मांग
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सलाहकार पवन चौधरी के अनुसार, पूरे देश से इजराइल में करीब 5000 नर्सों की मांग है. हरियाणा की नर्सों की संख्या सबसे ज्यादा है, इसलिए अनुमान है कि प्रदेश से सबसे अधिक नर्सें इजराइल में सेवा देने जा सकती हैं. हरियाणा कौशल रोजगार निगम को इस काम का जिम्मा सौंपा जाएगा. जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, इन्हें विदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
पौने दो लाख मासिक वेतन
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में शुरू हुई थी, जो अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यकाल में भी जारी है. औसतन विदेश में नौकरी पाने वाले युवाओं को पौने दो लाख रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है. कुछ युवा ऐसे भी हैं, जिन्होंने घर बनाने के लिए वहां जमीन खरीद ली और कुछ ने मकान बनाना भी शुरू कर दिया है.
राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के लिए करीब 50 देशों से संपर्क साधे हुए है. हरियाणा कौशल रोजगार निगम को ओवरसीज प्लेसिंग के लिए केंद्र द्वारा रिक्रूटमेंट एजेंसी का लाइसेंस प्रदान किया गया है, जिससे भविष्य में युवाओं की विदेश में रोजगार की राह आसान हो जाएगी.
