चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में विधानसभा के मॉनसून सत्र की तारीख भी तय कर दी गई. मॉनसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होगा और तीन दिन तक चलेगा. बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. सरकार ने वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम को भी मंजूरी दी है.

विश्व बैंक के सहयोग से इस योजना पर 5,714.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. योजना के तहत 15 सिंचाई क्लस्टरों में करीब 48.94 लाख एकड़ भूमि को कवर किया जाएगा, जिससे लगभग 45 लाख लोगों और किसानों को लाभ मिलने का दावा किया गया है.
खेती को बढ़ावा
योजना के तहत पानी की बर्बादी रोकने के लिए 104 नहरों और खेतों तक पानी पहुंचाने वाले 620 नालों की मरम्मत और सुधार किया जाएगा. इसके अलावा 131 नई जल संरचनाएं बनाई जाएंगी. कम पानी में खेती को बढ़ावा देने के लिए 120 नई सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं भी शुरू होंगी. पानी के कारण खराब होने वाली करीब 2 लाख एकड़ जलभराव वाली जमीन को सुधारने और उससे पानी निकालने का काम भी किया जाएगा.
मिलेंगी कई सुविधाएं
कैबिनेट ने हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022 के तहत महिला उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का फैसला किया है. महिला स्टार्टअप को एक साल तक लीज रेंट पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये होगी. इसके अलावा सात साल तक 100 प्रतिशत SGST छूट और 50 हजार से एक लाख रुपये तक माइक्रो ग्रांट दिया जाएगा. अन्य स्टार्टअप्स को सात साल तक 50 प्रतिशत SGST की छूट और 25 लाख रुपये तक सीड फंड उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है. सरकारी खरीद में नए स्टार्टअप्स के लिए 10 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रहेगा. स्कूली बच्चों में इनोवेशन और बिजनेस की समझ विकसित करने के लिए 10 हजार DIY किट भी बांटी जाएंगी.
रजिस्ट्रेशन जरूरी
नए नियम 2026 के तहत हर प्राइवेट कोचिंग सेंटर का सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा. पुराने और नए दोनों संस्थानों पर यह नियम लागू होगा. कोचिंग संस्थानों में साफ पेयजल, बिजली, फायर सेफ्टी उपकरण और मेडिकल फर्स्ट-एड जैसी सुविधाएं रखना जरूरी होगा. साथ ही संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़ी जरूरी जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी. सरकार ने नर्सिंग होम नीति में बदलाव को मंजूरी दी है. अब डॉक्टर अपने स्वामित्व वाले प्लॉट के अलावा लीज पर लिए गए रिहायशी प्लॉट पर भी नर्सिंग होम चला सकेंगे. इससे डॉक्टरों को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में सुविधा मिलने की उम्मीद है.