नई दिल्ली | कभी चिट्ठियों और डाक टिकटों तक सीमित माने जाने वाले पोस्ट ऑफिस अब Gen- Z की जरूरतों के हिसाब से अपना अंदाज बदल रहे हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और आईआईटी दिल्ली के परिसरों में तैयार किए गए जेन- जी पोस्ट ऑफिस इसकी नई तस्वीर पेश कर रहे हैं. यहां पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ डिजिटल सुविधाएं, आकर्षक इंटीरियर और युवाओं की जरूरतों के मुताबिक सेवाओं को नया रूप दिया गया है.

आईआईटी दिल्ली के हौज खास पोस्ट ऑफिस की दीवारों पर छात्रों के बनाए डूडल इसकी सबसे खास पहचान हैं. गुलाबी रंग की दीवारें, कॉफी मशीन और आधुनिक डिस्प्ले इसे सामान्य पोस्ट ऑफिस से अलग लुक देते हैं.
सेवाओं का केंद्र
यहां डाक सेवाओं के अलावा आधार, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, फिलेटली और पार्सल से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. छात्रों के लिए क्यूआर कोड और यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा दी गई है. इससे पोस्ट ऑफिस में होने वाले लेनदेन को आसान और काफी हद तक नकद रहित बनाया गया है. आईआईटी दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह पोस्ट ऑफिस अब सिर्फ चिट्ठी या पार्सल भेजने की जगह नहीं रह गया है. यहां बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं का लाभ भी लिया जा सकता है. पोस्टमास्टर मनिंदर सिंह रावत के अनुसार, इसका उद्देश्य युवाओं को डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं से जोड़ना है.
Gen-Z Post Office
दिल्ली विश्वविद्यालय का जेन-जी पोस्ट ऑफिस भी छात्रों को आकर्षित कर रहा है. यहां पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़ा गया है. क्यूआर कोड आधारित सेवाओं और डिजिटल भुगतान की सुविधा से छात्रों के लिए लेनदेन आसान बनाया गया है. विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में युवा होने के कारण ऐसे पोस्ट ऑफिस उनकी रोजमर्रा की डिजिटल जरूरतों से सीधे जुड़ रहे हैं. यहां डाक और पार्सल सेवाओं के साथ डिजिटल भुगतान और अन्य सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है.
बदलती कार्यशैली की तस्वीर
DU और IIT Delhi जैसे विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में जेन- जी पोस्ट ऑफिस की पहल डाक विभाग की बदलती कार्यशैली को भी दिखाती है. विश्वविद्यालय परिसरों में बने ये पोस्ट ऑफिस इसी बदलाव की नई तस्वीर बनकर सामने आ रहे हैं.