अब इतनी आमदनी वाले दंपतियों की वृद्धावस्था पेंशन भी बंद करेगी हरियाणा सरकार, Family I’d से खुलासा

चंडीगढ़ । परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में जैसे-जैसे लोग अपनी आय का विवरण दर्ज करा रहे हैं , वैसे-वैसे गलत जानकारी देकर पेंशन बनवाने वाले बुजुर्गों की पेंशन सरकार बंद कर रही है. इसी के तहत प्रदेश सरकार के एक फैसले ने चार लाख तक की वार्षिक आय वालें करीब 15-16 हजार बुजुर्गों की सामाजिक पेंशन बंद कर दी है. सरकार के इस फैसले से इन लोगों में भारी नाराजगी है और उनका कहना है कि सरकार बेवजह परेशान कर रही है.

bhudapa pension

हालांकि प्रदेश सरकार के नियम के मुताबिक जिस दंपति की सालाना आय 2 लाख रुपए से अधिक है ,वह वृद्धावस्था पेंशन लेने का हकदार नहीं हैं लेकिन प्रदेश में ऐसे बुजुर्गों की संख्या का आंकड़ा हजारों में है जो वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं.

पेंशनधारक संदेह के घेरे में

विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक सरकारी सेवाओं से रिटायर हुए कर्मचारी ही सरकार के इस फैसले से प्रभावित हो रहें हैं. रिटायर कर्मचारी को हर साल कितनी पेंशन मिलती है,इसका पूरा ब्यौरा सरकार के पास होता है. कई साल पहले सरकार ने 60 या इससे अधिक आयु के दंपति को वृद्धावस्था पेंशन देने का फैसला लिया था लेकिन साथ ही यह शर्त भी रखी गई थी कि दंपती की सालाना आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए.

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लेकिन सरकार के नियमों को ताक पर रखकर जिसके पति को पेंशन के रूप में वार्षिक दो लाख रुपये सरकार दे रही थी, उसकी पत्नी वद्धावस्था पेंशन का लाभ भी उठा रही है या फिर जिस व्यक्ति की पत्नी सेवानिवृत्त की पेंशन ले रही थी, उसने वृद्धा पेंशन का लाभ उठाना शुरू कर दिया. अब ऐसे लोगों की पेंशन पर कैंची चलाने का काम विभाग कर रहा है.

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पोर्टल से लिया डाटा

परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय दर्ज करनी होती है. चूंकि यह पूरी प्रक्रिया सरकार के पोर्टल पर की जाती है. इसलिए सरकार ने पीपीपी का पोर्टल से डाटा लेकर समाज कल्याण विभाग को भेजा था. इस सूची में करीब 16 हजार दंपति ऐसे पाएं गए हैं ,जिनकी वार्षिक आय 4 लाख रुपए तक है और वें सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ उठा रहे हैं.

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