चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने अकेले रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘ प्रहरी ‘ योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है. इस पहल के तहत अब राज्य में करीब 1 हजार स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी, जो बुजुर्गों से नियमित संपर्क में रहकर उनकी मदद करेंगे. इस योजना के अंतर्गत, नियुक्त किए जाने वाले स्वयंसेवक समय- समय पर बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल जानेंगे और यदि किसी प्रकार की समस्या है तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देंगे. इससे अकेले रह रहे बुजुर्गों को सहयोग और सुरक्षा दोनो मिल सकेगी.
क्या है प्रहरी योजना?
वर्ष 2023 में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए ‘ प्रहरी ‘ योजना की रूपरेखा तैयार की थी. अब मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस योजना को बढ़ावा देते हुए बजट में भी प्रावधान कर दिया है. प्रहरी योजना का मुख्य लक्ष्य ऐसे बुजुर्गों की मदद करना है जो अकेले रहते है या जिनके परिवार के सदस्य दूर रहते है. स्वयंसेवक उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और दैनिक जरूरतों पर नजर रखेंगे तथा किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाएंगे.
इस योजना के विस्तार से प्रदेश के लगभग 3 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा. स्वयंसेवक न केवल बुजुर्गों से नियमित संपर्क बनाए रखेंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सा, सामाजिक सेवाओं और अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद करेंगे.
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा अवसर
प्रदेश के भिवानी, गुरुग्राम, हिसार, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, पंचकूला, रोहतक रेवाड़ी, सिरसा, यमुनानगर, झज्जर और बहादुरगढ़ में 14 डे- केयर सेंटर कार्यरत है. यदि कोई सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी प्रहरी योजना से जुड़ना चाहते है तो उन्हें वरिष्ठ नागरिकों की सेवा का अवसर मिलेगा.
वरिष्ठ नागरिकों की देखरेख के लिए सभी शहरों में सेवा आश्रम, वृद्धाश्रम और डे- केयर सेंटरों की स्थापना का काम शुरू हो गया है. इसके लिए रेवाड़ी और करनाल में वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम खोले जा चुके है और 14 अन्य जगहों का चुनाव कर लिया गया है. रेडक्रास सोसाइटी द्वारा पानीपत, अंबाला व पंचकूला में वृद्धाश्रम चलाए जा रहे है. पंचकूला में भी श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा वृद्धाश्रम चलाया जा रहा है.
