चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार एक बार फिर पंचायतों से नाराज नजर आ रही है. हाल ही में प्रदेश की 22 ग्राम पंचायतों को बैंक खाते अपडेट नहीं करने पर नोटिस भेजा गया है. सरकार ने पंचायतों से स्पष्टीकरण मांगा है कि बार- बार अनुरोध के बावजूद पंचायतें अपने बैंक खातों को अपडेट क्यों नहीं कर रही हैं. सबसे ज्यादा सोनीपत की 10 और पूरे राज्य से 22 पंचायतें हैं जिन्हें नोटिस भेजा गया है.
सोनीपत जिले की 10 पंचायतें शामिल
बता दें कि इनमें सबसे अधिक सोनीपत जिले की 10 पंचायतें शामिल हैं. इसके अलावा फतेहाबाद की 7, अंबाला, पानीपत, रेवाड़ी और सिरसा की एक-एक पंचायत शामिल है. इन सभी पंचायतों के बैंक खाते अपडेट नहीं किये गये हैं. पंचायत गठन के बाद मुख्यालय की ओर से लगातार इन पंचायतों को अपने खाते दुरुस्त करने का निर्देश दिया जा रहा है. सरकार की नाराजगी का कारण यह है कि बैंक खाते अपडेट नहीं होने के कारण 15वें वित्त आयोग की राशि पंचायतों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिसके कारण वहां विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं.
सरकारी धन के दुरुपयोग की सम्भावना
राज्य के पंचायत विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि बैंक खाते अपडेट नहीं होने के कारण सरकारी धन के दुरुपयोग की सम्भावना बढ़ जाती है. बैंक खाते अपडेट होते ही पंचायतों का खाता विवरण सार्वजनिक हो जायेगा. ऐसे में सरपंचों और पूर्व सरपंचों के लिए दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं. फिलहाल इस एंगल पर सरकारी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
अगस्त में ट्रांसफर की गई थी राशि
गौरतलब है कि हरियाणा में पंचायतों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग की 193 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि अगस्त में ट्रांसफर की जा चुकी है, लेकिन इन 22 पंचायतों के बैंक खाते अपडेट नहीं होने के कारण यह राशि यहां नहीं पहुंच सकी है. चूंकि 2024 में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव संभावित हैं, इसलिए सरकार का पूरा फोकस गांवों के विकास पर है, इसलिए पंचायत विभाग भी इसे लेकर काफी सक्रिय है.
