चंडीगढ़ | सरकारी विभागों के बैंक खातों में वित्तीय लेन- देन को लेकर सामने विवाद सामने आया है, जिसके बाद हरियाणा सरकार एक्शन मोड में है. बता दें कि सरकार द्वारा सभी विभागों के Drawing and Disbursing Officer (DDO) बैंक खातों की 5 सालों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को 2021- 22 से 2025- 26 तक का विस्तृत रिकॉर्ड तय प्रोफार्मा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.

वित्त विभाग ने प्रत्येक विभाग से पूछा है कि हर वित्तीय साल में 31 मार्च तक कुल कितने DDO बैंक खाते संचालित थे. इसके साथ ही, इन खातों से पूरे साल में कितना खर्च किया गया और वित्तीय वर्ष के अंत में खातों में कितनी राशि शेष रही, इसकी भी जानकारी देनी होगी.
क्लोजिंग बैलेंस का विवरण
रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के लिए विभाग ने DDO खातों को तीन श्रेणियों में बांटा है. पहली श्रेणी में 50 प्रतिशत से कम खर्च वाले खाते, दूसरी में 50 प्रतिशत से अधिक लेकिन 99 प्रतिशत तक खर्च वाले खाते और तीसरी में 100 प्रतिशत खर्च वाले खाते शामिल किए गए हैं. जिन DDO बैंक खातों से पूरे वित्तीय वर्ष में कोई राशि खर्च नहीं हुई, उनके लिए अलग से विस्तृत जानकारी मांगी गई है. विभागों को ऐसे खातों की संख्या, संबंधित DDO का नाम, पदनाम, विभाग, बैंक का नाम, बैंक खाता संख्या और 31 मार्च तक खाते में उपलब्ध क्लोजिंग बैलेंस का पूरा विवरण देना होगा.
दिया गया निर्देश
यह जानकारी वित्तीय वर्ष 2021- 22, 2022- 23, 2023- 24, 2024- 25 और 2025- 26 के लिए मांगी गई है. सरकार 5 सालों के दौरान DDO खातों में हुए खर्च और शेष राशि का तुलनात्मक रिकॉर्ड तैयार करेगी. सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारी के माध्यम से यह जानकारी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी, दोनों रूपों में एक सप्ताह के भीतर वित्त विभाग को भेजी जाए.