चंडीगढ़ | स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हरियाणा के खिलाड़ियों का जलवा एक बार फिर देखने को मिल रहा है. अपनी मेहनत और जज्बे के दम पर प्रदेश के बेटे- बेटियों ने न सिर्फ पदक तालिका में देश का खाता खोला है बल्कि कई खेलों में भारत के लिए पदक लगभग पक्के भी कर दिए हैं. गुरुवार को डिस्कस थ्रो में भिवानी की एक बेटी ने कांस्य पदक जीतकर तिरंगा लहराया. वहीं, जैवलिन थ्रो और बॉक्सिंग में भी हरियाणवी खिलाड़ियों का दमखम साफ नजर आ रहा है.

भिवानी के गांव दिनोद की डॉ. सीमा कालीरमन ने डिस्कस थ्रो में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. पहला थ्रो फाउल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर का थ्रो फेंककर तीसरा स्थान हासिल किया. इस शानदार प्रदर्शन से भिवानी पानीपत और जींद के घरों में खुशी का माहौल बना हुआ है.
हरियाणा का दबदबा कायम
जींद की निधि रानी 57.10 मीटर के थ्रो के साथ मामूली अंतर से पदक से चूक गईं और चौथे नंबर पर रहीं. आज रात होने वाले जैवलिन थ्रो फाइनल पर सबकी निगाहें टिकी हैं जहां पानीपत के नीरज चोपड़ा और भिवानी के यशवीर सिंह भारत के लिए मेडल की उम्मीद लेकर उतरेंगे. चोट से उबरकर लौटे नीरज ने क्वालिफिकेशन में 79.61 मीटर का थ्रो फेंका जबकि यशवीर ने 78.36 मीटर के थ्रो के साथ फाइनल में जगह बनाई.
लोगों में खुशी
बॉक्सिंग में भी हरियाणा का दबदबा कायम है. देश के 10 मुक्केबाजों में से 7 अकेले हरियाणा से सेमीफाइनल में पहुंचे हैं जिससे इनका कांस्य पदक पक्का हो चुका है. महिला वर्ग में प्रीति पंवार जैस्मिन लम्बोरिया अरुंधति चौधरी और साक्षी चौधरी जबकि पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल सचिन सिवाच और नरेंद्र बेरवाल आज फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए रिंग में उतरेंगे.