चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस (Haryana Police) सब- इंस्पेक्टर भर्ती याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खारिज हो चुकी है. इस याचिका में सिलेक्शन प्रोसेस की उत्तर- कुंजी (आंसर- की) को चुनौती पेश की गई थी. हाईकोर्ट के जस्टिस जगमोहन बंसल की सिंगल बेंच की ओर से यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जब चयन आयोग ने विशेषज्ञों की राय के आधार पर आंसर की निर्धारित की है और उसमें कोई साफ गलती सामने नहीं आई है इसलिए कोर्ट उसमें कोई दखल नहीं देगा.
हरियाणा पुलिस सब- इंस्पेक्टर भर्ती याचिका
इस मामले में याचिकाकर्ता अमित ने विज्ञापन संख्या 3/ 2021 के अंतर्गत हुई सब- इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की तीन प्रश्नों की उत्तर कुंजी पर सवाल खडे किए थे. परीक्षा प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण, शारीरिक माप और दस्तावेजों की जांच शामिल थी व लिखित अंकों, अतिरिक्त योग्यता तथा सामाजिक- आर्थिक मानदंडों के आधार पर मेरिट बनाई जानी थी.
यह सवाल बताए गए गलत
याचिकाकर्ता अमित ने 3 सवालों, हरियाणा के पूर्व डीजीपी की मृत्यु, गेहूं बोने का तापमान और अनुच्छेद 370 हटाने की तारीख पर आंसर की को गलत बताया और हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट का कहना है कि पहले प्रश्न में आयोग का आंसर सही है. दूसरे प्रश्न में यह एक तकनीकी विषय है जिसमें विशेषज्ञों की राय को चेंज नहीं जा सकता और तीसरे प्रश्न में संसद द्वारा 5 अगस्त 2019 को संशोधन पारित किया गया था.
याचिकाकर्ता ने दी थी 2021 में परीक्षा
याचिकाकर्ता अमित 26 सितंबर 2021 को हुई लिखित परीक्षा में शामिल हुआ था. इसके बाद में जब उत्तर-कुंजी जारी हुई व इस पर आपत्तियां मांगी गई थीं, तो उस वक्त उसने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई. याचिकाकर्ता बाद में चयनित भी कर लिया गया था.
अमित के कुल अंक 67.20 थे, जिनमें 5 अंक सामाजिक- आर्थिक श्रेणी के थे. बाद में जब शिकायतों के आधार पर डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन हुई तो सामने आया कि अमित के पिता दिल्ली पुलिस में कार्यरत थे. इसके बावजूद, उसने शपथ- पत्र देकर यह दावा व्यक्त किया था कि उसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है. इसी आधार पर उसके 5 अंक कट गए और वह कट- ऑफ से नीचे चला गया.
