चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक बुलाई गई थी जिसमें विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं और आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए 687.82 करोड़ रुपए की धनराशि को मंजूरी दी गई है. इस बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा और लोक निर्माण विभाग मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे.
इस बैठक में गोहाना में डोर- टू- डोर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन, पलवल में ठोस कचरे के प्रोसेसिंग कार्य, करनाल में पुराने कचरे के बायो- रिमेडिएशन तथा हिसार के सेक्टरों में सड़कों की सफाई से संबंधित कार्यों के लिए टेंडर रेट्स को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा पलवल में डोर- टू- डोर कचरा संग्रहण, पृथक्करण तथा प्रोसेसिंग साइट तक परिवहन से जुड़े कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है.
बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- DHBVNL के लिए 220 kV तथा 33/ 11 kV बिजली ट्रांसफार्मरों की खरीद प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है.
- गुरुग्राम में बसई जलघर से सेक्टर- 25 तक रेलवे लाइन के नीचे पाइपलाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दी गई है.
- गुरुग्राम में अशोक विहार से नजदीक भीमगढ खेडी रेलवे कल्वर्ट नम्बर- 50 तक स्टॉर्म वाटर निकासी के लिए RCC मास्टर ड्रेन निर्माण को मंजूरी.
- फरीदाबाद में 20 MLD सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण को मंजूरी दी गई है.
- हिसार के गांव किरोड़ी, महेंद्रगढ़ के धनोदा और फरीदाबाद जिले के गांव नावदा में 400 kV सबस्टेशन स्थापित करने के कार्य को स्वीकृति दी है. जिन गांवों के ट्रांसफार्मरों पर बिजली का लोढ बढ जाता है उनमें अधिक क्षमता के बिजली ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे.
- बावल में बनाए जाने वाले न्यायिक काम्प्लेक्स के लिए भी टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई. इसके निर्माण पर 18 करोड़ रुपए की लागत आएगी.
- कालांवाली एसटीपी से रोड़ी घग्गर ड्रेन में पानी डालने के कार्य को भी मंजूरी दी गई है.
स्वच्छता अभियान को मिलेगा बढ़ावा
सीएम नायब सैनी ने निर्देश देते हुए कहा कि जिन कार्यों के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं उन्हें निर्धारित मानकों और पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाएं. संबंधित एजेंसियां और ठेकेदार निर्धारित नियमानुसार कार्य करें, ताकि शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके.
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और कार्यों के आधार पर ठेकेदारों की ग्रेडिंग भी तैयार की जाएगी. जो एजेंसियां बेहतर कार्य करेंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा जबकि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न करने पर संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी.
