चंडीगढ़ | हरियाणा में श्रमिकों से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार में श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि श्रमिकों और श्रम- नियोक्ताओं को डिजिटल सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से श्रममित्र ऐप का शुभारंभ किया गया है. उन्होंने कहा कि अब श्रमिकों को काम की तलाश में घंटों लेबर चौक पर खड़ा नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे रोजगार मिल सकेगा.

एक साथ मिलेंगे कई फायदे
उन्होंने बताया कि यह मोबाइल ऐप एक प्रकार से इलेक्ट्रॉनिक रोजगार विनिमय के रूप में कार्य करेगा. इसके माध्यम से श्रमिक और नियोक्ता सीधे संपर्क कर सकेंगे. यह ऐप हिंदी, अंग्रेजी और पंजाबी भाषा में उपलब्ध रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.
विज ने बताया कि ऐप में श्रमिक अपनी कार्यकुशलता, अनुभव और विशेषज्ञता की जानकारी दर्ज कर सकेंगे. इसमें राजमिस्त्री, बढ़ई, इलेक्ट्रशियन, प्लंबर, माली, पेंटर, वेल्डर सहित विभिन्न कार्यों से जुड़े श्रमिक पंजीकरण कर सकेंगे. नाई, मोची और अन्य स्वरोजगार से जुड़े लोगों को भी इस मंच से जोड़ा जाएगा.
चौक पर खड़े होने से मिलेगा छुटकारा
अनिल विज ने बताया कि नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों की मांग ऐप पर दर्ज कर सकेंगे. इसके माध्यम से कुशल और अकुशल श्रमिकों की खोज तेजी से हो सकेगी. श्रमिक और नियोक्ता कार्य की राशि, समय और अन्य शर्तों पर सीधे बातचीत कर सकेंगें. उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 75 हजार पंजीकृत श्रमिकों का डाटा ऐप पर अपलोड किया जा चुका है. विभागीय कर्मचारी विभिन्न लेबर चौकों पर जाकर श्रमिकों के मोबाइल में यह ऐप स्थापित करवाने में सहयोग करेंगे.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में करीब 135 लेबर चौक संचालित हैं, लेकिन आने वाले समय में डिजिटल व्यवस्था के बढ़ने के साथ लेबर चौक समाप्त हो जाएंगे.