चंडीगढ़ | हरियाणा में आमजन के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. यहां प्रदेश में ऑनलाइन रजिस्ट्री सिस्टम शुरू होने के बाद परेशानी झेल रहे लोगों की शिकायतें अब खत्म होगी. सरकार द्वारा इससे जुड़े साफ्टवेयर में कई तरह के सुधार कर दिए गए हैं.
पोर्टल पर अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की सीमा 10 एमबी से बढ़ाकर 40 एमबी कर दी गई है. नए सिस्टम में जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी का विकल्प पहले से मौजूद है, जिसे अब सरल कर दिया गया है. सोमवार से सभी तहसीलों में लोग इस संबंध में अपांइटमेंट ले सकेंगे.
NOC की नही पड़ेगी जरूरत
वित्तायुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि स्थानीय निकायों की सीमा में अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) की आवश्यकता नहीं होगी. इसी प्रकार हाउसिंग बोर्ड व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के सेक्टरों में खेवट और खतौनी की जरूरत नहीं पड़ेगी. पहले जहां किसी प्रकार की पार्टनरशिप डीड अथवा कालेब्रेशन डीड में टर्म एंड कंडीशन लिखने के शब्दों की सीमा 500 थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 10 हजार कर दिया गया है.
सभी लाइसेंस कालोनियों का डेटा सिस्टम में फीड किया गया है. केवल लाइसेंस नंबर दर्ज करने पर ही डेटा अपने आप सामने आ जायेगा. पुराने शहरी क्षेत्रों से खेवट- खसरा कालम हटा दिया गया है.
सुचारू रूप से जारी रहेगी रजिस्ट्री
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल ने बताया कि प्रदेश के सभी रजिस्ट्री कार्यालय सुचारू रूप से कार्य कर रहे है. 1 नवंबर से शुरू हुई पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली सफलतापूर्वक चल रही है और संपत्ति पंजीकरण सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी हैं. आमजन बिना किसी रूकावट के इसका लाभ उठा सकते हैं.
