चंडीगढ़ | हरियाणा रोडवेज कर्मचारी अब अपनी मांगें मनवाने के लिए 28 दिसंबर को बसों का चक्का जाम करेंगे. इसके लिए डिपो स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं. रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्यों के नेतृत्व में दादरी डिपो के कर्मचारियों ने 26 नवंबर को करनाल में रोड जाम करने और सीएम आवास का घेराव करने की रणनीति बनाई. साथ ही, चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो चक्का जाम की अवधि बढ़ाई जा सकती है.
बैठक कर लिए ये फैसले
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र दिनोद व रणबीर गहलोत के नेतृत्व में दादरी रोडवेज डिपो की वर्कशॉप परिसर में रोष सभा का आयोजन किया गया. बैठक में जहां 26 नवंबर को करनाल में सीएम आवास का घेराव करने का निर्णय लिया गया तो वहीं 28 दिसंबर को हरियाणा रोडवेज की बसों का चक्का जाम करने पर चर्चा की गई.
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यूनियन ने मांगों को लेकर 26- 27 अक्टूबर को हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है. आम जनता और छात्रों ने 265 मार्गों पर निजी परमिट जारी करने के खिलाफ बस अड्डों पर दो दिनों में 5 लाख हस्ताक्षर करके सरकार की निजीकरण नीतियों का विरोध किया है. सरकार सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को निजी हाथों में सौंपना चाहती है. प्राइवेट परमिट देने की न तो जनता की ओर से मांग है और न ही रोडवेज कर्मचारियों की ओर से.
सरकारी बसें खरीदने की मांग
सरकार को निजी नीति वापस लेकर 10 हजार सरकारी बसें खरीदकर रोडवेज बेड़े में शामिल करनी चाहिए. इससे आम जनता को सुरक्षित सेवा मिलेगी. साथ ही, सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा और हजारों बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा. कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे रोडवेज का निजीकरण नहीं होने देंगे और न ही निजी बसों को परमिट जारी होने देंगे.
