चंडीगढ़ | राज्य में कॉलेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) की भर्ती प्रक्रिया पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. निर्णय सुनाते हुए कोर्ट ने इस भर्ती को रद कर दिया है. जस्टिस त्रिभुवन दहिया की सिंगल बेंच ने आशा समेत कई अन्यों की तरफ से दायर याचिका पर फैसला देते हुए साफ कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2018 रेगुलेशन के अनुसार नहीं है, इसलिए यह कानूनी मानदंड को पार नहीं कर सकती.

मूल ढांचे में किया बदलाव
हाई कोर्ट द्वारा इस केस में सुनवाई 2 अप्रैल को ही पूरी कर ली गई थी और इसका फैसला मंगलवार को सुनाया गया है. यह केस 2 अगस्त 2024 के विज्ञापन संख्या 48/2024 से संबंधित है. इसके तहत उच्च शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर (अंग्रेजी) के पद भरे जाने थे.
याचिकाकर्ताओं ने दलील पेश की कि यूजीसी रेगुलेशन 2018 के मुताबिक , कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर चयन के लिए उम्मीदवारों की शार्टलिस्टिंग अकादमिक स्कोर (ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, नेट, पीएचडी, शोध, अनुभव आदि) के आधार पर होनी चाहिए और फाइनल सिलेक्शन इंटरव्यू परफॉरमेंस से होना चाहिए, मगर स्क्रीनिंग टेस्ट, सब्जेक्ट नालेज टेस्ट और इंटरव्यू का अलग माडल बना मूल ढांचे में बदलाव किया गया है.
राज्य सरकारें न्यूनतम मानकों को कमजोर नहीं कर सकती: कोर्ट
कोर्ट ने स्वीकार किया कि रेगुलेशन 4, 5 और 6 एक समग्र ढांचा है, जिनमें एचपीएससी अपनी सुविधा के अनुसार संशोधन नहीं कर सकता. हाई कोर्ट ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 11 नवंबर 2022 के ज्ञापन के जरिए यूजीसी नियमों को ‘आधार’ तो बनाया, मगर उनमें बदलाव कर सिलेक्शन प्रोसेस का मूल स्वरूप बदल दिया, जो स्वीकार नहीं होगा. अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बारे में बताते हुए दोहराया कि उच्च शिक्षा में मानकों का निर्धारण संसद और यूजीसी के अधिकार एरिया में है तथा राज्य सरकारें न्यूनतम मानकों को कमजोर नहीं कर सकती.
अभ्यर्थियों को बड़ा झटका
कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पूरी 2424 पदों की भर्ती पर नहीं, बल्कि याचिकाकर्ताओं द्वारा चुनौती दिए गए अंग्रेजी सब्जेक्ट के विज्ञापन 48/2024 तक ही राहत लिमिटेड होगी. यह निर्णय अंग्रेजी विषय के उन अभ्यर्थियों को बड़ा झटका है जिन्होंने स्क्रीनिंग और सब्जेक्ट नालेज टेस्ट तक प्रक्रिया पूरी कर ली थी. आयोग की तरफ से दिसंबर महीने में कालेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश विषय के मेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी किया गया था. रिजल्ट आने के बाद अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी दिखी.
चयन प्रक्रिया को किया कठिन: कोर्ट
भर्ती परीक्षा में कुल 2143 उम्मीदवार शामिल हुए थे, मगर इनमें से सिर्फ 151 उम्मीदवार ही पास हो सके. सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर हुआ कि 613 पदों के मुकाबले जरूरी संख्या में उम्मीदवार भी क्वालीफाई नहीं कर पाए. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि आयोग ने सब्जेक्ट नालेज टेस्ट में 35 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता लगाकर चयन प्रक्रिया को मुश्किल बना दिया है. युवाओं का कहना था कि यह नियम यूजीसी के निर्धारित मानकों से मिलता नहीं है.