कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज न लेने वाले कर्मचारियों का वेतन रुकेगा, निर्देश जारी

चंडीगढ़ | तीसरे लहर की आशंका और टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने सख्त फैसला लिया है. अब कोरोनारोधी टीके की दोनों डोज नहीं लगवाने वाले फ्रंटलाइन कर्मचारीयों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है. साथ ही फैसला लिया गया है कि अब दूसरी डोज लगवाने वालों को प्राथमिकता दें, ताकि अधिक से अधिक आबादी सुरक्षित हो सके.

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प्रदेश में 18 साल के ऊपर के करीब 1.80 करोड़ लोगों में से 4.50 लाख फ्रंटलाइन कर्मचारी हैं. इनमें स्वास्थ्य, पुलिस, सफाईकर्मी, बिजली, पंचायती राज और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल है. स्वास्थ्य कर्मियों की बात करें तो कुल 2 लाख में से 1.80 लाख ने पहली और 1.20 लाख कर्मी ने ही दोनों खुराक ली है.

कुल 60 हजार पुलिस कर्मचारियों में से 58 हजार ने पहला और 49 हजार ने दोनों डोज ली है. इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों समेत अन्य कर्मी पहली के बाद दूसरी डोज लेने नहीं आ रहे हैं. क्योंकि पहली और दूसरी लहर में प्रदेश में कोरोना से 6 डॉक्टरों समेत 50 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा, 45 पुलिसकर्मी और 43 बिजली कर्मी कोरोना से जान गंवा चुके हैं. इसीलिए सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है.

केवल 26 लाख लोगों ने ली दोनों डोज

हरियाणा में 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण के बाद अब तक कुल 1,23,86741 लोग खुराक ले चुके हैं. इनमें से 68,53,966 पुरुष है और 55,30,494 महिलाएं हैं.

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आयु वर्ग के अनुसार आंकड़े

आयु वर्ग की बात करें तो सबसे अधिक टीका लगवाने में युवा शामिल है. 18 से 44 साल के बीच के 59,06,652 युवाओं ने टीका लगाया है. जबकि 45 से 60 साल के 34,67,165 ने टीका लगवाया है. सबसे कम 60 साल से अधिक आयु वाले 30,12,924 लोग हैं.

कोरोना से लड़ाई में सबसे आगे फ्रंटलाइन कर्मचारी होते हैं. इसलिए सबसे पहले उनको सुरक्षित करना हमारा कर्तव्य है. अभी भी काफी संख्या में कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने पहली डोज तो ले ली है, लेकिन दूसरी नहीं ली है. जो कर्मचारी दूसरी डोज नहीं लेगा, उसका वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है. इसीलिए दूसरी डोज की प्राथमिकता के लिए कैंप भी लगवाए जाएंगे. – अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री

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