चंडीगढ़ | हरियाणा के करीब 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. उपभोक्ताओं के बिजली बिलों पर फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA) के रूप में 1134.54 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालने की बिजली वितरण निगमों की कोशिश को मंजूरी नहीं मिली है. हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने इस राशि की वसूली से संबंधित निगमों की याचिका को स्वीकार नहीं किया है.
इस मामले में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से पुरानी देनदारी की वसूली का प्रयास किया जा रहा था. मामला निर्धारित समयसीमा के भीतर राशि की वसूली नहीं होने से जुड़ा है.
समय पर बिल में नहीं जुड़ी थी राशि
दोनों बिजली वितरण निगमों ने नवंबर 2025 में FSA के रूप में संबंधित रकम की वसूली का प्रयास किया था. लेकिन तय अवधि के दौरान इसे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में शामिल नहीं किया गया. इसके बाद जनवरी 2026 में यह राशि निर्धारित नियमों के तहत जब्त हो गई थी. इसी वजह से दोबारा उपभोक्ताओं से इसकी वसूली किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ.
सुनवाई के दौरान बिजली निगमों की ओर से यह भी स्वीकार किया गया कि 1134.54 करोड़ रुपये में करीब 950.09 करोड़ रुपये की देनदारी सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के कारण बनी थी. यह कुल रकम का करीब 84 प्रतिशत है.
पुरानी देनदारियों से जुड़ा मामला
विवादित रकम में पिछले वित्तीय वर्षों के ट्रांसमिशन शुल्क, विलंब भुगतान अधिभार और अतिरिक्त बिलों से जुड़ी देनदारियां शामिल हैं. सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि वर्तमान वसूली वित्त वर्ष 2022-23 से संबंधित है. जबकि लागू नियमों के अनुसार इस तरह की FSA राशि की वसूली अधिकतम दो वर्ष की अवधि के भीतर की जानी चाहिए. पूर्व मंत्री एवं इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने सुनवाई के दौरान निगमों की मांग का विरोध किया था. उनका कहना था कि विभागीय देरी या प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक का आर्थिक भार उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए.
पुराने FSA लाभ का भी उठाया मुद्दा
संपत सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2021 से उपभोक्ताओं को कई नकारात्मक फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट का लाभ नहीं मिला है. उन्होंने इस विषय को भी आगे की सुनवाई में उठाने की बात कही है. वित्त वर्ष 2027-28 की अनुमानित वार्षिक राजस्व प्राप्तियों से संबंधित आगामी प्रक्रिया में फिक्स्ड चार्ज, बिजली शुल्क और नगर निकायों के टैक्स जैसे मामलों को भी उठाने की बात कही गई है.
