चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने सूबे के गांवों को नया स्वरूप देने की योजना बनाई है. इसी कड़ी में अब प्रदेश के गांवों की गलियों को शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. ये गलियां न केवल गुणवत्तापूर्ण तरीके से पक्का की जाएगी बल्कि इनपर एलसीडी लाइट्स, उचित जल निकासी, साइड में हरियाणा और बैठने के लिए बैंच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.
इन गांवों को मिलेगा स्मार्ट गलियों का तोहफा
विधानसभा के बजट सत्र में झज्जर की बादली विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि पहले चरण में ऐसे 111 गांवों की पहचान की गई है जहां वोटर्स की संख्या का आंकड़ा 10 हजार से ज्यादा है. जींद जिले की जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायिका विनेश फोगाट द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि 10 हजार से ज्यादा आबादी वाले महाग्रामों में शहरों की तर्ज पर सीवरेज प्रणाली और बुनियादी अवसंरचना की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार हो सके.
इन लोगों को मिलेगा मालिकाना हक
कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में पंचायती राज मंत्री ने बताया कि तालाब, ग्राम पंचायत की कृषि भूमि या फिरनी में मकान नहीं होना चाहिए. अगर मकान ग्राम पंचायत की भूमि में है तो 500 गज तक का मालिकाना हक दिया जा रहा है. सभी जिला उपायुक्तों को ऐसे मकानों की जांच कर विशेष कैंप आयोजित करने और मुख्यालय को केस भेजने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने बताया कि साल 2004 से पहले बने मकानों के लिए अगर कोई सबूत है, तो उसे भी लिखित रूप में भेजा जाएगा. इसके लिए सीईओ जिला परिषद और बीडीपीओ की ड्यूटी लगाई गई है ताकि विशेष कैंप लगाकर समस्या का समाधान किया जा सके.
