चंडीगढ़ | हरियाणा के बिजली विभाग में लगभग छह साल से कार्य कर रहे 28 लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) की नौकरी पर छाए संकट के बादल अब हट गए है. राज्य सरकार अब इन कर्मचारियों को न तो नौकरी से हटाएगी और न ही उन्हें री- ज्वाइनिंग प्रदान करेगी. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से इन कर्मचारियों को इसी भर्ती के कुल 964 पदों में रिक्त पदों पर समायोजित करने को कहा गया है.
नए सिरे से ज्वाइनिंग देने के लिए कहा
बिजली निगम के अधिकारियों ने हाई कोर्ट के ऑर्डर की स्वयं के आधार पर व्याख्या करते हुए उन्हें नौकरी से निकालने के आर्डर जारी कर दिए थे. इसके साथ ही, इन कर्मचारियों से कहा गया था कि उन्हें नए सिरे से ज्वाइनिंग दी जाएगी. दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अंतर्गत काम करने वाले इन कर्मचारियों में इस ऑर्डर से अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी.
बिजली मंत्री और प्रधान सचिव को लिखा लेटर
री- ज्वाइनिंग की स्थिति में उनका काम करने का 6 साल का एक्सपीरियंस, भत्ते और सुविधाएं समाप्त हो जातीं. बिजली निगम में कार्य कर रहे इन कर्मचारियों की नियुक्तियां विज्ञापन संख्या 03/ 2016 कैटेगरी नंबर 3 के अंतर्गत एलडीसी की पोस्ट के लिए की गई थी. अपनी इस समस्या को लेकर इन बिजली कर्मचारियों ने बिजली मंत्री अनिल विज और सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को लेटर लिखा था.
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की तरफ से अपने पुराने आदेश वापस लिए गए व कहा गया कि संबंधित कर्मचारी पहले की तरह अपने पूर्ववत पदों पर पूर्व के नियम और शर्तों के अनुसार काम करते रहेंगे.
