हरियाणा में फ्लोर वाइज बने मकानों की रजिस्ट्री का रास्ता खुला, अब इतने गज वालों को भी मिलेगा लाभ

चंडीगढ़ | हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने हरियाणा के बड़े शहरों में 180 गज से कम फ्लोर वाइज बने मकानों के रजिस्ट्रेशन का रास्ता खोल दिया है. लंबे समय से गुरुग्राम और पंचकूला जैसे कई बड़े शहरों में हजारों घरों की रजिस्ट्री नहीं हो रही थी क्योंकि ये मंजिलें 180 गज से कम थीं.

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महानिदेशक ने दिए आदेश

ऐसे में बड़ा पेंच तब फंसता था जब फ्लोर का मालिक जरूरत पड़ने पर उसे ट्रांसफर या बेचना चाहता था. इन सबके पीछे बिल्डर लॉबी का भी हाथ बताया जा रहा था अब इन 180 गज से कम एरिया में बने फ्लोर के रजिस्ट्रेशन का रास्ता खुल गया है. हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि इस संबंध में आदेश दे दिए गए हैं.

आर्मी ऑफिसर की पत्नी ने लगाई थी RTI

गुरुग्राम के एक आर्मी ऑफिसर की पत्नी मीनाक्षी के मुताबिक, उन्होंने गुरुग्राम में 2004 में एक नामी बिल्डर एजेंसी से 172 गज का फ्लोर लिया था लेकिन आज तक वह उनके नाम पर रजिस्टर्ड नहीं था. हरियाणा गजट में भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने नवंबर 2022 में आरटीआई से जानकारी मांगी थी लेकिन चार के बाद भी जवाब नहीं मिला है

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लोगों को मिलेगा फायदा

पंचकूला निवासी धीरज कक्कड़ के मुताबिक हरियाणा में ऐसे हजारों फ्लोर ओनर हैं जिनकी मंजिल 180 गज से कम है और चाहकर भी ये लोग अपने घरों की रजिस्ट्री नहीं करा पाते थे. अब उन हजारों लोगों को निश्चित रूप से इन आदेशों का लाभ मिलेगा. वहीं, यह भी पता चला है कि बिल्डर लॉबी 180 गज से कम के ऐसे फ्लोर को बिना रजिस्ट्री के एग्रीमेंट पर बेच देते थे ताकि बेचने की स्थिति में यह फ्लोर उनके जरिए ही अगले ग्राहक को बेचा जा सके. अब इन बिल्डरों का एकाधिकार कम होगा. जिससे लोगों को लाभ मिलेगा.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.